सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत, सीएम मोहन यादव बोले– किसानों को मिलेगा तकनीक और पारदर्शिता का लाभ
Mohan Yadav Statement: सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। 4,536 पैक्स का कंप्यूटराइजेशन पूरा होने से किसानों को पारदर्शिता और तकनीक का लाभ मिलेगा।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
MP Cooperative Sector Digital Reform: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि सहकारिता क्षेत्र मध्य प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत बनाकर सरकार किसानों, ग्रामीणों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के सामूहिक उत्थान का प्रभावी माध्यम है, जिसे आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी से जोड़कर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सहकारी मॉडल का समयबद्ध और पारदर्शी क्रिया न्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे। सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को और अधिक सरल बनाया जा रहा है, जिससे किसानों को ऋण, बीज, उर्वरक, भंडारण और विपणन जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
युवाओं और किसानों को सहकारिता से जोड़ा जा रहा
सीएम मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र में लगातार नवाचार को बढ़ावा दे रही है। नई योजनाओं के माध्यम से युवाओं और किसानों को सहकारिता से जोड़ा जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र अब जनआंदोलन का स्वरूप ले रहा है। सहकारी संस्थाओं की दैनंदिन कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ रही हैं। साथ ही समितियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
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जनहित को प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। विभागीय योजनाओं में नवाचार, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी जा रही है। सहकारिता विभाग के सहयोग से किसान कल्याण, कृषि विकास, ग्रामीण विकास और जनजातीय क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं को भी गति मिल रही है।
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केंद्र के साथ समन्वय से मिली गति
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश की 4,536 से अधिक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का सफलतापूर्वक कंप्यूटराइजेशन पूरा कर लिया गया है। इससे सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता और बढ़ेगी, तथा किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल बदलाव और पारदर्शिता की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
