विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीति तैयार, विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने की तैयारी

MP Politics News: मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। उमंग सिंघार ने विधायक दल की बैठक बुलाई। पार्टी बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाएगी।
MP Congress Monsoon Session Strategy
मध्य प्रदेश विधानसभा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Congress Monsoon Session Strategy : मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति तेज कर दी है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने रविवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें आगामी विधानसभा सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में कांग्रेस विधायक सरकार को बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसान, महिला सुरक्षा और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे विषयों पर घेरने की रणनीति तय करेंगे।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा में जनता से जुड़े हर मुद्दे को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने बताया कि पार्टी सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक जॉब कैलेंडर जारी करने, भर्ती परीक्षाओं में सुधार, किसानों की समस्याओं, केन-बेतवा लिंक परियोजना, दलित-आदिवासी अधिकारों और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। इसके अलावा कांग्रेस मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि घोटाले, प्रदेश में भ्रष्टाचार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति तथा समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगेगी।

जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पशुपालन विभाग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास रखे जाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल विभाग बदल देने से व्यवस्था नहीं बदलती। पटवारी ने आरोप लगाया कि जिन विभागों की जिम्मेदारी पहले से मुख्यमंत्री के पास है, उनकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने प्रदेश में गोवंश की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। पटवारी ने कहा कि भाजपा वर्षों से गाय के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन आज गौशालाओं में चारे, पानी और अन्य संसाधनों की भारी कमी है। उन्होंने सरकार से गोवंश संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।

मानसून सत्र में तीखी नोकझोंक के आसार

कांग्रेस के आक्रामक रुख को देखते हुए विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसान हित, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सत्तापक्ष भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए अपनी रणनीति बना रहा है। ऐसे में आगामी मानसून सत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।

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