MP Congress News: MP कांग्रेस का ‘डिजिटल प्रहार’ अब ‘कनेक्ट सेंटर’ तय करेगा जिला अध्यक्षों का भविष्य,
MP Congress Digital Connect Center: कागजी सक्रियता पर एआईसीसी की पैनी नजर; खराब प्रदर्शन करने वाले जिले 'रेड जोन' में, हाईटेक मॉनिटरिंग से हड़कंप। दिल्ली से हो रही सीधी निगरानी।
- Written By: सुधीर दंडोतिया
कांग्रेस में हाईटेक मॉनिटरिंग ,सोर्स :सोशल मीडिया
Madhya Pradesh Congress Monitoring System: मध्य प्रदेश कांग्रेस में अब केवल भाषणों और कागजी दावों से काम नहीं चलेगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राज्य में संगठन को धार देने के लिए पूरी तरह से ‘हाईटेक और डिजिटल फॉर्मूला’ लागू कर दिया है। इसके तहत अब जिला अध्यक्षों की मैदानी सक्रियता को मापने के लिए दिल्ली से सीधी निगरानी की जा रही है।
इस डिजिटल पोर्टल और गोपनीय सर्वे के आधार पर एआईसीसी ने मध्य प्रदेश के ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन’ करने वाले 10 जिलों की सूची तैयार की है, जिसके अनुसार जिलों में संगठनात्मक गतिविधियां ठीक चल रही हैं, कनेक्ट सेंटर में जो जिले रेड में है, उन जिलों में जिलाध्यक्षों से एआईसीसी और पीसीसी के द्वारा तय कार्यक्रमों को जिलों में किए जाने के लिए कहा जाता है।
‘कनेक्ट सेंटर’ से पल-पल की निगरानी
कांग्रेस संगठन में कौन सा जिला अध्यक्ष मैदान में पसीना बहा रहा है और कौन सिर्फ सोशल मीडिया पर सक्रिय है, इसकी पहचान के लिए ‘कनेक्ट सेंटर’ स्थापित किया गया है। यह एक अत्याधुनिक डिजिटल पोर्टल है, जहां हर संभाग और जिले की परफॉर्मेंस का रियल-टाइम डेटा दिखता है। यह सेंटर न केवल जिला कमेटियों की रिपोर्ट पढ़ता है, बल्कि खुद जमीन पर हो रहे आंदोलनों, धरने-प्रदर्शनों और जनहित के मुद्दों पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता को ट्रैक करता है।
सम्बंधित ख़बरें
BJP Vehicle Convoy Controversy: काफिला पड़ा महंगा! मोदी की नसीहत भूलने वाले भाजपा नेताओं की बढ़ी मुश्किलें
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, बोले- लीडरशिप क्राइसिस से बढ़ा आर्थिक संकट
शाजापुर में दर्दनाक हादसा: AC बस में जिंदा जल गया 4 साल का मासूम, आग बुझाने आई फायर ब्रिगेड में नहीं था पानी
MP में गर्मी का तांडव, 37 जिलों में हीटवेव अलर्ट, राजधानी में पिघल गया सड़कों का डामर
केंद्रीय टीम के हाथ में कमान
इस पूरे मॉनिटरिंग सिस्टम का नियंत्रण केंद्रीय स्तर पर अनुभवी रणनीतिकार सेंथल कुमार और वामसी रेड्डी संभाल रहे हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के विशेष संदर्भ में इसकी कमान एआईसीसी की ओर से भूपेंद्र कुरावत के पास है। यह टीम गोपनीय सर्वे और डिजिटल डेटा के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर रही है।
मध्य प्रदेश के ‘टॉप-10’ जिले
एआईसीसी के हालिया सर्वे और डिजिटल पोर्टल के डेटा के आधार पर मध्य प्रदेश के 10 जिलों को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन’ (Best Category) की सूची में रखा गया है। इन जिलों में संगठन की गतिविधियां और जिला अध्यक्षों का कामकाज सबसे प्रभावी पाया गया है:
इंदौर, खरगौन, देवास, गुना, सागर (ग्रामीण), राजगढ़, मुरैना, रीवा, बैतूल और सीहोर।
यह भी पढ़ें: काफिला पड़ा महंगा! मोदी की नसीहत भूलने वाले भाजपा नेताओं की बढ़ी मुश्किलें
‘रेड जोन’ वाले अध्यक्षों पर गिरेगी गाज!
सूत्रों के मुताबिक, कनेक्ट सेंटर में जो जिले ‘रेड’ (Red Zone) में दिख रहे हैं, वहां के जिला अध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। एआईसीसी और पीसीसी द्वारा तय कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने में नाकाम रहने वाले अध्यक्षों पर आने वाले समय में गाज गिर सकती है। इस हाईटेक व्यवस्था से उन नेताओं में हड़कंप है जो अब तक केवल कागजी खानापूर्ति के भरोसे अपनी कुर्सी बचाए हुए थे।
