BJP Vehicle Convoy Controversy: काफिला पड़ा महंगा! मोदी की नसीहत भूलने वाले भाजपा नेताओं की बढ़ी मुश्किलें

Madhya Pradesh BJP News; दिल्ली हाईकमान ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट; काफिला संस्कृति दिखाने वाले पदाधिकारियों पर गिर सकती है गाज।नवभारत ने प्रमुखता से उठाया था मामला
BJP leader vehicle convoy rally in Madhya PradeshBJP leader vehicle convoy rally in Madhya Pradesh
बीजेपी नेताओ पर गिरेगी गाज, सोर्स: सोशल मीडिया
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BJP  Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और वाहन काफिलों पर संयम की अपील की अनदेखी करने वाले भाजपा नेताओं पर अब सख्ती बढ़ गई है। प्रदेश में बड़े वाहन काफिलों के साथ रैलियां निकालने वाले नेताओं को 17 मई को भोपाल तलब किया गया है। संगठन और सरकार दोनों स्तर पर उनसे जवाब मांगा जाएगा।दिल्ली स्थित भाजपा हाईकमान ने भी पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

नवभारत ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए पीएम की अपील के बावजूद नेताओं द्वारा वाहन रैलियां निकालने और कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश भाजपा से जवाब मांगा।

8-9 जगह निकलीं वाहन रैलियां, आलाकमान नाराज

प्रधानमंत्री की 10 मई की अपील के बाद भी मध्य प्रदेश में 8-9 स्थानों पर बड़े वाहन काफिलों के साथ स्वागत रैलियां निकाली गईं। इसे सीधे पीएम की अपील की अवहेलना माना जा रहा है। प्रदेश भाजपा ने तत्काल कदम उठाते हुए संबंधित नेताओं को 17 मई को भोपाल बुलाया है। बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी और अन्य जिम्मेदार नेता मौजूद रहेंगे। नेताओं से पूछा जाएगा कि पीएम की अपील के बावजूद रैलियां क्यों निकाली गईं। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर आगे कार्रवाई भी हो सकती है।

इन पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई

  • सज्जन सिंह यादव (भिंड जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष) - सौ वाहनों के काफिले के साथ बग्घी पर सवार होकर रैली निकाली। नियुक्ति रद्द कर दी गई। सौभाग्य सिंह ठाकुर (मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष) - 700 गाड़ियों का काफिला लेकर उज्जैन से भोपाल आए। कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुछ अधिकार छीन लिए गए।

इन नेताओं की रैलियों पर सवाल उठे, भोपाल तलब किया

  • टिकेंद्र प्रताप सिंह (देवास जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष) - 200 गाड़ियों (कुछ वापस लौटीं) के साथ जिला कार्यालय पहुंचे।
  • पवन पाटीदार (ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष) - 24 गाड़ियों का काफिला लेकर चंबल दौरे पर गए।
  • वीरेंद्र गोयल (सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष) - 30 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला, खुद ई-रिक्शा में बैठे।
  • रेखा यादव (महिला आयोग की अध्यक्ष) - छतरपुर में सैकड़ों लग्जरी गाड़ियों का काफिला निकाला, ट्रैफिक जाम हुआ।
  • सत्येंद्र भूषण सिंह (लघु उद्योग निगम अध्यक्ष) - खुद ई-रिक्शा से आए, पर समर्थकों का बड़ा कार-बाइक काफिला साथ चला।
  • राकेश सिंह जादौन (खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड उपाध्यक्ष) - ई-रिक्शा से पहुंचे, लेकिन विदिशा से सेकड़ो गाड़ियों काफिला लेकर आये ।

मुख्यमंत्री ने काफिले से कम कर दिए 5 वाहन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने काफिले से 5 वाहन कम कर दिए हैं। डिप्टी सीएम व अन्य मंत्रियों ने भी काफिले में गाड़ियां कम की है। पार्टी अब इस बात पर जोर दे रही है कि प्रधानमंत्री की अपील सभी स्तरों पर लागू होनी चाहिए।

अनुशासनहीनता पाए जाने पर होगी कार्यवाही

17 मई को भोपाल में होने वाली पूछताछ के बाद अनुशासनहीनता पाए जाने पर और कार्रवाई हो सकती है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए किसी भी नेता को छूट नहीं देगी।

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