MP विधानसभा: 1479 सवालों पर सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस का प्रहार, अब हर लंबित प्रश्न का होगा हिसाब!
MP Legislative Assembly News: 1479 सवालों पर 'जानकारी जुटाई जा रही है' का सरकारी जवाब, विपक्ष ने खोला मोर्चा; कांग्रेस विधायक मिलकर तैयार करेंगे लंबित प्रश्नों की पूरी सूची।
- Written By: सुधीर दंडोतिया
मध्य प्रदेश विधानसभा, सोर्स: सोशल मीडिया
MP Assembly: मध्य प्रदेश विधानसभा में अब विधायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर न मिलने और उन्हें टालने की सरकारी प्रवृत्ति के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार अब जनता के मुद्दों पर जवाबदेही से नहीं बच पाएगी।
इसके लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सभी विधायकों से चर्चा कर अपूर्ण प्रश्नों की सूची तैयार कराएंगे। पुराने सत्रों के लंबित प्रश्नों का हवाला देकर इस सत्र में भी जानकारी मांगी जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक कुल 1479 ऐसे प्रश्न हैं, जिनका सरकार ने या तो उत्तर नहीं दिया है या उन्हें अधूरा रखा है। इन प्रश्नों में 14वीं विधानसभा के लगभग 535 और 15वीं विधानसभा के करीब 865 प्रश्न लंबित हैं। विपक्ष का आरोप है कि ‘ई-विधानसभा’ की आधुनिक व्यवस्था लागू होने के बावजूद उत्तरों का समय पर न मिलना प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही से बचने का स्पष्ट उदाहरण है।
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बजट सत्र में भी ‘टालमटोल’ का सिलसिला
हाल ही में संपन्न हुए 11 दिवसीय बजट सत्र के दौरान भी स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं दिखा। इस दौरान 79 प्रश्नों के उत्तर में केवल यह लिखा गया कि “जानकारी एकत्रित की जा रही है”। इसके अलावा, कई अन्य प्रश्नों में केवल अपूर्ण जानकारी दी गई, जो विधायकों के लिए असंतोषजनक रही।
किन विभागों में सबसे ज्यादा समस्या?
सरकार के 14 से अधिक विभागों में यह ‘जानकारी एकत्रित करने’ की प्रक्रिया चल रही है, जिससे विकास कार्यों की समीक्षा करना कठिन हो गया है। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित विभाग शामिल हैं:
महिला एवं बाल विकास विभाग
स्कूल शिक्षा विभाग
स्वास्थ्य विभाग
खनिज (माइनिंग) विभाग
लोक निर्माण विभाग (PWD)
मुख्य सचिव की समीक्षा बेअसर
विधानसभा के हर सत्र से पहले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक होती है। इसमें संसदीय कार्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होते हैं। बावजूद इसके, इन बैठकों में भी लंबित और अपूर्ण प्रश्नों को लेकर कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पा रहा है।
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अब आगे क्या करेगी कांग्रेस?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सभी कांग्रेस विधायकों से चर्चा कर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है।
अपूर्ण प्रश्नों की सूची: सबसे पहले सभी विधायकों के साथ मिलकर लंबित और ‘जानकारी एकत्रित की जा रही है’ वाले प्रश्नों की एक विस्तृत सूची बनाई जाएगी।
सदन में जोर-शोर से उठाएंगे मुद्दा: इस सूची का हवाला देते हुए आने वाले सत्रों में सरकार से इन पुराने लंबित मामलों पर स्पष्ट और पूर्ण जवाब की मांग की जाएगी।
सिंघार का तर्क है कि सरकार वोट तो जनता से मांगती है, लेकिन जनता से जुड़े बुनियादी सवालों का सामना करने से बचती है, जो कि संसदीय परंपराओं के विपरीत है।
