सिंहस्थ की तैयारियों पर उमंग सिंघार का सरकार पर हमला, कहा- अब भी फाइलों में अटके 12 हजार करोड़ रुपये के काम

Simhastha Development Projects: उमंग सिंघार ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य अब भी टेंडर फाइलों में अटके हैं।
Umang Singhar Singhastha 2028 Allegation
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Umang Singhar Simhastha 2028 2028 Allegation: मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा सरकार के दावों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सिंहस्थ से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य अब भी टेंडर और फाइलों की प्रक्रिया में उलझे हुए हैं।

उमंग सिंघार ने अपने पोस्ट में लिखा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंहस्थ से संबंधित करीब 12 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं और अधिकांश परियोजनाएं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अटकी हुई हैं।

कई प्रोजेक्ट्स की शुरुआत तक नहीं

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सिंहस्थ आयोजन में अब केवल 21 महीने का समय शेष है, लेकिन कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं, पुल, फ्लाईओवर और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की शुरुआत तक नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि केवल समीक्षा बैठकों, प्रस्तुतियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इतने बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारी संभव नहीं है। इसके लिए समयबद्ध और प्रभावी तरीके से धरातल पर काम होना जरूरी है।

सबसे बड़ी प्राथमिकता की स्थिति चिंताजनक

सिंघार ने कहा कि जिस सिंहस्थ 2028 को सरकार अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बता रही है, उसके प्रमुख प्रोजेक्ट्स की यह स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों की प्रगति इतनी धीमी है, तो प्रदेश के अन्य विकास कार्यों की स्थिति क्या होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का कार्य मॉडल अब साफ दिखाई देने लगा है, जिसमें घोषणाएं पहले की जाती हैं, तैयारियां बाद में होती हैं और जवाबदेही कहीं नजर नहीं आती। उन्होंने यह भी कहा कि सिंहस्थ केवल एक आयोजन नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है, इसलिए इसकी तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।हालांकि, उमंग सिंघार के आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।