राज्यसभा नामांकन विवाद पर महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, भोपाल में निर्वाचन आयोग का पुतला दहन, जमकर की नारेबाजी
Bhopal Congress News: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में महिला कांग्रेस ने भोपाल में निर्वाचन आयोग का पुतला दहन किया है। प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासिया ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- Reported By: शिवम दत्त तिवारी | Edited By: प्रीतेश जैन
महिला कांग्रेस का प्रदर्शन (फोटो सोर्स- नवभारत)
Bhopal Mahila Congress Protest: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के मुद्दे पर महिला कांग्रेस ने राजधानी भोपाल में विरोध प्रदर्शन करते हुए निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर निर्वाचन आयोग का पुतला दहन किया और इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
प्रदर्शन का नेतृत्व महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं और निर्वाचन आयोग तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है।
संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल
रीना बोरासी ने कहा कि भाजपा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक आदिवासी महिला उम्मीदवार का नामांकन निरस्त किया जाना महिला प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। उनका कहना था कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
उत्तराखंड की तर्ज पर तैयार होगा MP का UCC ड्राफ्ट; जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की समिति ने पूरे किए प्रावधान
कांग्रेस पर बरसे विश्वास सारंग, कहा- RSS पर बोलने की खड़गे की हैसियत नहीं, UCC से मजबूत होगी देश की एकता
मंत्रियों को ‘नाकारा’ बताने वाले BJP विधायक पन्नालाल शाक्य के सुर बदले, प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर दी सफाई
Karnataka MLC Election: भाजपा के साथ हो गया खेला! कांग्रेस के पक्ष में पड़े BJP के बड़े वोट
चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल
महिला कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग को पूरी स्वतंत्रता और निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए। संगठन का आरोप है कि सत्ता के दबाव में लिए गए निर्णय लोकतंत्र को कमजोर करते हैं और जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें : मंत्रियों को ‘नाकारा’ बताने वाले BJP विधायक पन्नालाल शाक्य के सुर बदले, प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर दी सफाई
केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब
महिला कांग्रेस ने इस मुद्दे को लोकतंत्र, महिला अधिकारों और आदिवासी प्रतिनिधित्व से जुड़ा मामला बताते हुए संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से भी इस मामले में जवाब देने की मांग की।
