

Chintamani Malviya Reena Borasi controversy: आलोट से बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया के बीच राजनीतिक विवाद ने कानूनी विवाद का रूप ले लिया है। विधायक मालवीय ने कांग्रेस नेता रीना बोरासी को 10 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है।
यह नोटिस उनके वकील के माध्यम से भेजा गया है, जिसमें रीना बोरासी द्वारा मीडिया में दिए गए बयानों को आधार बनाया गया है। इन बयानों में विधायक पर यौन शोषण और अवैध कब्जे जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
रीना बोरासी ने कुछ दिन पहले भोपाल स्थित राजभवन में राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की थी। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि एक महिला ने उन्हें एफिडेविट के साथ सबूत दिए हैं, जिसमें यौन शोषण, संपत्ति पर कब्जा और धमकी जैसे आरोप शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि 70 वर्षीय महिला के साथ अत्याचार और संपत्ति नुकसान के मामले सामने आए हैं।
नोटिस में बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि वे एक शिक्षित और प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि हैं और उनकी छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। विधायक ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला चुनावी रंजिश और राजनीतिक द्वेष का परिणाम है और इसके पीछे सोशल मीडिया तथा एक स्थानीय चैनल का भी इस्तेमाल किया गया है।
एडवोकेट शेखर श्रीवास्तव द्वारा भेजे गए नोटिस में रीना बोरासी को 7 दिन के भीतर सभी आरोपों से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। यदि वे ऐसा करने में असफल रहती हैं, तो विधायक ने 10 करोड़ रुपए के हर्जाने के साथ-साथ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी है।