

Pannalal Shakya Statement: अपनी ही सरकार के मंत्रियों पर तीखी टिप्पणी कर चर्चा में आए गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। विवादित बयान के बाद पार्टी संगठन की नाराजगी सामने आने पर विधायक ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और मामले को शांत करने की कोशिश की।
प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल से मुलाकात के बाद पन्नालाल शाक्य ने कहा कि भाजपा एक परिवार की तरह काम करती है और संगठन उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर किसी प्रकार का मतभेद नहीं है और सभी कार्यकर्ता तथा पदाधिकारी मिलकर जनता की सेवा के लिए काम कर रहे हैं।
दरअसल, पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ था जब विधायक पन्नालाल शाक्य गुना में बिजली कटौती की शिकायतों को लेकर बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए उनका गुस्सा अपनी ही सरकार के मंत्रियों पर भी फूट पड़ा। उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जनता को दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि जमीनी काम करने वाले जनप्रतिनिधियों की जरूरत है।
इतना ही नहीं, विधायक ने यह भी कहा था कि वे मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर ऐसे 'नाकारा मंत्रियों' को हटाने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी। विधायक का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।
भाजपा संगठन ने इस बयान को गंभीरता से लिया और विधायक से स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बाद शाक्य ने प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी बात रखी। अब उनके बदले हुए तेवरों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि संगठन के हस्तक्षेप के बाद विधायक ने अपने बयान को लेकर नरम रुख अपनाया है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि भाजपा संगठन सार्वजनिक मंचों पर अनुशासनहीनता को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।