Madhya Pradesh: BJP में राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार खत्म, ST–SC आयोग के अध्यक्ष घोषित, जल्द आएगी अगली लिस्ट
MP News: मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू, रामलाल रौतेल को एसटी और कैलाश जाटव को एसटी आयोग की सौंपी कमान। जानें मोहन यादव सरकार की अगली लिस्ट में कौन से नाम हो सकते हैं शामिल।
- Written By: सजल रघुवंशी
सीएम मोहन यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
Madhya Pradesh BJP Political Appointments: मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित पड़ी राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला आखिरकार शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सहमति के बाद सरकार ने आयोगों में पहली बड़ी नियुक्ति सूची जारी कर दी है।
इस सूची को देखें तो पता चलता है कि वरिष्ठ आदिवासी नेता रामलाल रौतेल को राज्य अनुसूचित जनजाति (ST) आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा के दलित चेहरे कैलाश जाटव को अनुसूचित जाति (SC) आयोग की कमान सौंपी गई है। बता दें कि इन नियुक्तियों के साथ ही सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि बाकी राजनीतिक पदों पर भी जल्द फैसले होंगे।
कौन हैं रामलाल रौतेल?
रामलाल रौतेला दो बार विधायक रह चुके हैं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं पहले भी एसटी आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में काफी मजबूत पकड़ है।
सम्बंधित ख़बरें
‘मैं अपने बयान पर कायम हूं…’, BJP से नोटिस मिलने के बाद भी नहीं झुके प्रीतम लोधी, कही यह बड़ी बात
MLA Defection Case: विधायक निर्मला स्प्रे के दलबदल मामले में नेता प्रतिपक्ष ने सीएम की X पोस्ट को बताया सबूत
सीएम हाउस के पास अब नहीं कर सकेंगे धरना-प्रदर्शन, पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश
Harsha Richhariya Controversy: हर्षा रिछारिया के संन्यास पर विवाद, संत समिति अध्यक्ष ने उठाए सवाल
कैलाश जाटव की राजनीतिक प्रोफाइल
कैलाश जाटव मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख दलित चेहरों में शामिल हैं, वह विधायक रह चुके हैं। गौरतलब है कि महाकौशल क्षेत्र में उनकी पकड़ काफी मजबूत है।
अब किसकी बारी?
सूत्रों के मुताबिक अगली सूची में जिन नियुक्तियों का ऐलान संभव है, उनमें पूर्व विधायक रेखा यादव (महिला आयोग) का नाम लगभग तय माना जा रहा है, दूसरी तरफ बाल आयोग की जिम्मेदारी एक बार फिर से मौजूदा अध्यक्ष निवेदिता शर्मा को मिल सकती है।
निगम-मंडल दावेदारों को करना पड़ सकता है इंतजार
आयोगों की नियुक्तियों के बाद अब निगम-मंडल और प्राधिकरण में पद पाने की उम्मीद लगाए नेताओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि यह नियुक्तियां देश के अन्य राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद की जाएंगी।
यह भी पढ़ें: ‘मैं अपने बयान पर कायम हूं…’, BJP से नोटिस मिलने के बाद भी नहीं झुके प्रीतम लोधी, कही यह बड़ी बात
क्यों अहम हैं यह नियुक्तियां?
यह फैसले न सिर्फ संगठनात्मक संतुलन साधने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति में सामाजिक समीकरण मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
