Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से डिमेंशिया से जूझ रहे थे, साहित्य जगत में शोक

Urdu Poet Bashir Badr Passed Away: मशहूर शायर और आधुनिक गजल के उस्ताद बशीर बद्र का निधन हो गया है। वह लंबे समय से डिमेंशिया की बमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने भोपाल में 91 साल की उम्र में आखिरी सांस ली।

  • Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
Updated On: May 28, 2026 | 02:56 PM

बशीर बद्र, फाइल फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Bashir Badr Death News: भोपाल में मशहूर शायर और आधुनिक गजल के उस्ताद बशीर बद्र का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से साहित्य जगत और उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। बशीर बद्र को उनकी सरल, रूमानी और प्रभावशाली भाषा में लिखी गई गजलों के लिए जाना जाता था। उर्दू साहित्य में उनके योगदान को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसी योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया था।

बताया जा रहा है कि बशीर बद्र लंबे समय से डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस बीमारी के कारण उनकी स्मरण शक्ति काफी हद तक कमजोर हो गई थी और वे कई बार लोगों को पहचानने में भी असमर्थ हो जाते थे। पिछले कुछ समय से उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी और उम्र संबंधी समस्याओं के चलते वे काफी कमजोर हो गए थे।

1935 में हुआ था जन्म

बशीर बद्र का जन्म 15 फरवरी 1935 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से उच्च शिक्षा और पीएचडी पूरी की। इसके बाद वे वहीं उर्दू विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी कार्यरत रहे। उनकी शायरी ने गजल विधा को एक नई पहचान दी, जिसमें उन्होंने आम बोलचाल के सरल शब्दों को शामिल कर इसे आम जनता तक पहुंचाया।

सम्बंधित ख़बरें

91 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गए उर्दू शायरी के उस्ताद बशीर बद्र, मेरठ दंगों ने छीन लिया था सबकुछ, फिर…

बशीर बद्र: 1974 से 1990 तक रहा स्वर्णिम काल, देश-विदेश तक छाया नाम, शायरी ने आम जनता पर छोड़ी छाप

Yoga Mahotsav : योग और खजुराहो भारतीय संस्कृति के दो अटूट स्तंभ, ‘वन अर्थ-वन हेल्थ’ का वैश्विक संदेश है योग

ट्विशा शर्मा केस: महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा- जांच में जरूरत हुई तो गिरीबाला को हिरासत में लेगी CBI

1987 में सांपद्रायिक दंगों में जल गया था घर

अपने लंबे साहित्यिक सफर में बशीर बद्र ने कई ऐसी गजलें लिखीं, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उनकी शायरी में मोहब्बत, इंसानियत और समाज की सच्चाइयों का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है।उनके जीवन का एक दर्दनाक पहलू भी रहा, जब 1987 के मेरठ सांप्रदायिक दंगों में उनका घर जला दिया गया था। इस घटना में उनकी कई महत्वपूर्ण और अप्रकाशित रचनाएं भी नष्ट हो गईं। इस हादसे के बाद वे स्थायी रूप से भोपाल में रहने लगे।

ये भी पढ़ें :  ट्विशा शर्मा केस: महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा- जांच में जरूरत हुई तो गिरीबाला को हिरासत में लेगी CBI

साहित्य जगत में शोक की लहर

बशीर बद्र के निधन के बाद साहित्य और उर्दू शायरी की दुनिया में एक बड़ा खालीपन महसूस किया जा रहा है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

Famous urdu poet bashir badr passed away in bhopal

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: May 28, 2026 | 02:31 PM

Topics:  

  • Bhopal News
  • Madhya Pradesh

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.