मध्य प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार; जर्मनी के KFW बैंक के साथ 200 मिलियन यूरो के निवेश पर चर्चा

KFW Invest In Energy Sector: मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में ₹1800 करोड़ का जर्मन बूस्टर, CM मोहन यादव और KfW बैंक के बीच समझौता, कृषि फीडरों को मिलेगी सौर ऊर्जा से बिजली।
Madhya Pradesh energy sector development
मुख्यमंत्री मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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India Germany Cooperation: मध्य प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंत्रालय में जर्मनी के केएफडब्ल्यू (KfW) डेवलपमेंट बैंक के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान मध्य प्रदेश में बिजली वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने और नई परियोजनाओं में सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में जानकारी दी गई कि 'एनर्जी रिफॉर्म प्रोग्राम' के तहत मध्य प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों में स्मार्ट मीटर लगाने और फीडर विभक्तिकरण (Feeder Segregation) का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके लिए लगभग 1120 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया जा रहा है।

एनर्जी रिफॉर्म फेज-2 में 1800 करोड़ रुपये से ज्यादा का सहयोग

इस साझेदारी को और विस्तार देते हुए, बैंक ने 'एनर्जी रिफॉर्म फेज-2' में लगभग 200 मिलियन यूरो (करीब 1800 करोड़ रुपये से अधिक) के वित्तीय सहयोग में अपनी रुचि दिखाई है। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में विद्युत वितरण अधोसंरचना को आधुनिक बनाने, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और सौर घंटों के दौरान कृषि फीडरों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाएगा।

भारत-जर्मनी मित्रता का नया अध्याय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत और जर्मनी के बीच दशकों पुरानी प्रगाढ़ मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश भाईयों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। जर्मनी के सहयोग से हमारा लक्ष्य मध्य प्रदेश को एक ऊर्जा दक्ष, हरित और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करना है।

बैठक में ये रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण बैठक में जर्मनी की ओर से केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक की सीईओ सुश्री क्रिस्टियाने लाईबेक, कंट्री डायरेक्टर वूल्फन मूथ और जर्मन दूतावास के प्रतिनिधि गॉटफ्रीड वॉन शामिल हुए। मध्य प्रदेश की ओर से मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला, विशेष गढ़पाले सहित केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

https://youtu.be/3oUlPe73YSA?si=ErDBBX9XJ3N3ure9

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