‘जनता को न हो किसी प्रकार की कमी’, जल की आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता; सीएम मोहन यादव ने कही बड़ी बात
Jal Jeevan Mission MP: सीएम मोहन यादव की बड़ी बैठक, मार्च 2028 तक पूरा होगा 'हर घर नल का लक्ष्य', बोरवेल अधिनियम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना मध्य प्रदेश।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
सीएम मोहन यादव (सोर्स- आईएएनएस)
CM Mohan Yadav PHE Meeting: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 जून को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए तथा जहां भी जल संकट की स्थिति बने, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर लोगों को राहत पहुंचाई जाए। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं और प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
जल जीवन मिशन का 80 प्रतिशत कार्य पूरा
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पत्तिया उइके ने बैठक में जानकारी दी कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में तेजी से काम हो रहा है और मार्च 2028 से पहले हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मिशन का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि उज्जैन संभाग सहित प्रदेश के 11 जिलों में 100 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए उन ग्राम पंचायतों और गांवों को सम्मानित करने के निर्देश दिए, जिन्होंने स्वयं नल-जल योजनाओं का सफल संचालन और संधारण किया है। साथ ही उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया।
सम्बंधित ख़बरें
Indore News: एसपी ने लागू किया छुट्टी का नया नियम, आईजी ने 4 दिन में ही आदेश को किया निरस्त; जानें पूरा मामला
‘खुद को भाग्यशाली समझें कि केरल में हैं…’, मोनालिसा-फरमान पर कोर्ट ने की टिप्पणी, बुधवार को आएगा फैसला
RCB को लगातार 2 बार चैंपियन बनाने के बाद अब MPL में गदर मचाएंगे रजत पाटीदार; संभालेंगे इस धाकड़ टीम की कप्तानी
MP Police: हत्या के 4 महीने बाद भी खौफ में पीड़ित परिवार, आरोपी के रिश्तेदार दे रहे जान से मारने की धमकी
जल संरक्षण पर सरकार का विशेष फोकस
बैठक में मंत्री उइके ने बताया कि बोरवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मध्य प्रदेश में बोरवेल अधिनियम लागू किया गया है और ऐसा करने वाला राज्य देश का पहला राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि जल स्रोतों के लिए केवल ट्यूबवेल पर निर्भर रहने के बजाय तालाब, सरोवर और अन्य जल संरचनाओं के निर्माण को बढ़ावा दिया जाए। इससे जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और नल-जल योजनाओं के लिए स्थायी जल स्रोत विकसित होंगे। उन्होंने विभाग को जल संरक्षण में योगदान देने वाले लोगों को राज्य और जिला स्तर पर सम्मानित करने के भी निर्देश दिए।
14 हजार से अधिक गांवों में हर घर जल, डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर
बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश में दिसंबर 2023 से अब तक 16.50 लाख से अधिक घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं और 15 हजार से अधिक नए हैंडपंप एवं नलकूप स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है तथा लगभग 75 प्रतिशत परिवार इस योजना के दायरे में आ चुके हैं।
यह भी पढ़ें: Indore News: एसपी ने लागू किया छुट्टी का नया नियम, आईजी ने 4 दिन में ही आदेश को किया निरस्त; जानें पूरा मामला
प्रदेश के 14 हजार 200 गांवों को ‘हर घर जल’ घोषित किया जा चुका है। मप्र जल निगम ने बताया कि जल जीवन मिशन की योजनाओं की निगरानी के लिए ऑनलाइन ‘जलदर्पण’ पोर्टल तैयार किया गया है। साथ ही डिजिटल मॉनिटरिंग, आईओटी सेंसर और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
