

Bhopal Teacher Hunger Strike: वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षकों का धरना जारी है। मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे शिक्षक सरकार से रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया में अधिक युवाओं को अवसर देने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन के बीच एक शिक्षक पिछले 42 घंटे से ज्यादा समय से भूख हड़ताल पर बैठा है। शिक्षकों का कहना है कि लगातार प्रदर्शन और मांगों के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। धरने पर बैठे कुछ शिक्षकों ने अपनी स्थिति बयां करते हुए कहा कि 99 प्रतिशत तक अंक हासिल करने और डिग्री करने के बावजूद नौकरी नहीं मिल रही है। ऐसे में उनके सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि अगर इतनी मेहनत और अच्छे अंकों के बाद भी रोजगार नहीं मिलता, तो आखिर नौकरी पाने का रास्ता क्या है?
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों में सरकार के प्रति नाराजगी के साथ-साथ गहरी निराशा भी दिखाई दी। कुछ शिक्षकों ने कहा कि मौजूदा हालात में उन्हें खुद को शिक्षक कहने में शर्म आती है। उनका आरोप है कि वर्षों तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बाद भी रोजगार का रास्ता नहीं खुल रहा है। शिक्षकों का कहना है कि वे लगातार सरकार और जिला प्रशासन से अपनी मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि कई शिक्षक खुद को हताश और निराश महसूस कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं में अब उम्मीद खत्म होती जा रही है। शिक्षकों ने मौजूदा परिस्थितियों के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार बताते हुए जमकर नाराजगी जाहिर की। शिक्षकों का कहना है कि सरकार को शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा योग्य अभ्यर्थियों को मौका देना चाहिए।
उनका कहना है कि जब प्रदेश में शिक्षकों की जरूरत है, तो योग्य उम्मीदवारों के लिए भर्ती के अवसर क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। फिलहाल नीलम पार्क में शिक्षकों का धरना जारी है और भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षक की स्थिति को लेकर भी प्रदर्शनकारियों में चिंता है। अब देखना होगा कि सरकार शिक्षकों की पदवृद्धि की मांग पर क्या फैसला लेती है और आंदोलन को खत्म कराने के लिए कोई ठोस पहल होती है या नहीं।