EXCLUSIVE: राजधानी भोपाल में रिहायशी इलाकों के बीच गौस गोदाम, फायर सेफ्टी के नाम पर फेल व्यवस्थाएं- VIDEO
Ground Report: भोपाल में रिहायशी इलाकों के बीच मौत का सामान, अशोका गार्डन और ओल्ड सुभाष नगर में गैस गोदामों का अवैध संचालन, वसूली जा रही जबरन डिलीवरी फीस, सर्वे शुरू।
- Reported By: शिवम दत्त तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
नवभारत एक्सक्लूसिव रिपोर्ट (सोर्स- नवभारत डिजाइन)
Bhopal LPG Agencies Flaws: राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन, गोविंदपुरा और ओल्ड सुभाष नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में एलपीजी गैस सिलेंडरों के गोदाम सालों से संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि कई गोदाम रहवासी क्षेत्र के बीच चल रहे हैं, साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा।
नवभारत की पड़ताल में सबसे गंभीर मामला ओल्ड सुभाष नगर स्थित प्रदीप गैस एजेंसी के गोदाम का सामने आया है, जहां मंदिर और घनी आबादी के बीच गैस सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा है। जांच के दौरान सामने आई तस्वीरों के अनुसार कई जगहों पर फर्श मानकों के अनुरूप नहीं मिला, फायर सेफ्टी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखी और सुरक्षा गाइडलाइन की अनदेखी के आरोप लगे। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
अशोका गार्डन जैसे इलाके में 300 सिलेंडरों वाला गोदाम
गौरतलब है कि, अशोका गार्डन जैसे क्षेत्र घनी आबादी वाले इलाके में 300 सिलेंडरों के स्टॉक वाला गोदाम है। जब नवभारत की टीम यहां पहुंचे तो तस्वीर हैरान करने वाली दिखी। इस एजेंसी पर भी शासन की गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ती देखी गईं। गोदाम संचालक ने बताया कि उनके पास गोदाम संचालित करने के लिए खाद्य विभाग और बीपीसीएल की अनुमति है। हालांकि जब उनसे अनुमति की प्रति दिखाने के लिए कहा गया तो उन्होंने कोई दस्तावेज नहीं दिखाया और बात को टाल दिया।
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होम डिलीवरी चार्ज में भी हो रही गड़बड़
जांच के दौरान एक और बड़ा सवाल सामने आया। कई गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए खुद एजेंसी बुलाया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद उनसे होम डिलीवरी चार्ज भी वसूला जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वह स्वयं एजेंसी से सिलेंडर लेकर जाते हैं तो डिलीवरी चार्ज हटाकर बाकी राशि ली जानी चाहिए लेकिन अधिकांश एजेंसियों पर ग्राहकों से करीब 947.50 रुपये की पूरी राशि ही वसूली जा रही है, जिसमें लगभग 35 रुपये डिलीवरी चार्ज भी शामिल बताया जा रहा है।
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इन गोदामों का सर्वे कराया जाएगा- भोपाल कलेक्टर
इस मामले में जब भोपाल कलेक्टर से बात की तब उन्होंने कहा कि इन गोदामों में जिन अनियमितताओं की शिकायत की बात की जा रही है, उसे लेकर सर्वे कराया जाएगा। अब सवाल यह है कि जब राजधानी के घनी आबादी वाले इलाकों में इतने वर्षों से ये गैस गोदाम संचालित हो रहे हैं, तो क्या संबंधित विभागों ने अपनी आंखें और कान बंद कर रखे हैं? यदि किसी गोदाम में लापरवाही के कारण कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी या फिर गोदाम संचालकों की? वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं से डिलीवरी सेवा दिए बिना डिलीवरी चार्ज वसूले जाने के आरोप भी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
