

CM Mohan Yadav On Skill Development: भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क आने वाले समय में प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 550 नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं के अभिमुखीकरण समारोह में कहा कि फिलहाल संस्थान हर साल करीब 2 हजार युवाओं को विभिन्न कौशल पाठ्यक्रमों में प्रमाण-पत्र दे रहा है। वर्ष 2026 में करीब 3 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिग्री के साथ तकनीकी कौशल जरूरी है। संत रविदास जी की प्रेरणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से अपने कौशल पर भरोसा रखने और हर काम को पूरी निष्ठा से करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल स्किल्स पार्क की 98.9 प्रतिशत प्लेसमेंट दर को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने इंजन, ऑटोट्रॉनिक्स, एडवांस सीएनसी एंड प्रिसीजन इंजीनियरिंग सहित विभिन्न अत्याधुनिक लैब का निरीक्षण किया और प्रशिक्षुओं से उनके ट्रेड, प्रशिक्षण व रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के अनुरूप हासिल किया गया कौशल युवाओं को देश और विदेश में बेहतर रोजगार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित बहुउद्देश्यीय खेल परिसर का उद्घाटन किया, संत रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने युवाओं की उपलब्धियां सुनकर उनका उत्साह बढ़ाया। संस्थान से पिछले दो वर्षों में 35 प्रशिक्षुओं को हंगरी, जापान सहित अन्य देशों में रोजगार मिला है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने ग्लोबल स्किल्स पार्क की विश्वस्तरीय अधोसंरचना, आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण की सराहना की। सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस, ट्राइडेंट, एसआरएफ, वोल्वो आयशर, साइंटेक, भेल और हिंडाल्को सहित कई कंपनियों ने प्रशिक्षित युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बताया। ट्राइडेंट ने विशेष रूप से अधिक महिला प्रशिक्षुओं को तैयार करने की आवश्यकता बताई। उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार प्रशिक्षुओं की तकनीकी दक्षता देखकर अलग से लंबी चयन प्रक्रिया की जरूरत भी महसूस नहीं होती। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल ने बताया कि आने वाले समय में प्रशिक्षण क्षमता 6 हजार और पूर्ण क्षमता 10 हजार प्रशिक्षुओं तक ले जाने का लक्ष्य है। ग्लोबल स्किल्स पार्क 10 डिविजनल आईटीआई के साथ हब एंड स्पोक मॉडल पर भी काम कर रहा है।
ग्लोबल स्किल्स पार्क ने बजाज ऑटो फाउंडेशन, मैजिक बिलियन और टीडब्ल्यूआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ महत्वपूर्ण समझौते किए। बजाज ऑटो फाउंडेशन के साथ दोपहिया-तिपहिया वाहन सेवा तकनीशियनों के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होगा। मैजिक बिलियन के जरिए युवाओं को जर्मनी में रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर मिलेंगे, जबकि टीडब्ल्यूआई इंडिया के साथ वेल्डिंग और नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने तकनीकी कौशल वाली युवतियों को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने माटी, काष्ठ, क्रिस्टल, मार्बल और धातु शिल्पकारों को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया। सीईओ अदिति गर्ग ने बताया कि पार्क की परिकल्पना 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिंगापुर दौरे से प्रेरित होकर हुई थी और 2024 से उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण शुरू हुआ।