राजधानी की फिनिक्स गैस एजेंसी के खिलाफ जांच में कई खुलासे, हर महीने उपभोक्ताओं से की जा रही अवैध वसूली
LPG cylinder Delivery Fraud: फीनिक्स गैस एजेंसी के खिलाफ खाद्य विभाग की जांच में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। एजेंसी पर होम डिलीवरी के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त रुपए वसूलने का आरोप है।
- Written By: प्रीतेश जैन
HP गैस (फोटो सोर्स- नवभारत)
Bhopal Phoenix Gas Agency Case: राजधानी के मीनाल रेसिडेंसी स्थित फिनिक्स गैस एजेंसी (HP गैस) में जांच के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताओं और अवैध वसूली का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के नाम पर हर महीने करीब 2 लाख रुपए की अवैध वसूली की जा रही थी। वहीं, सुरक्षा राशि के नाम पर उपभोक्ताओं से लगभग 10 लाख रुपए वसूले जाने का भी खुलासा हुआ है।
जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग ने 15, 17 और 18 अप्रैल को एजेंसी की जांच की थी। जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां मिलने के बाद एजेंसी को सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन महज 12 दिन बाद 6 मई को इसे फिर बहाल कर दिया गया। हालांकि एजेंसी बहाल होने के बावजूद कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
28 अप्रैल को बुकिंग, 7 मई तक नहीं मिला सिलेंडर
मीनाल रेसिडेंसी निवासी उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने 28 अप्रैल को गैस सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन 7 मई तक डिलीवरी नहीं हुई। ऐसे ही सैकड़ों उपभोक्ता हर दिन परेशान हो रहे हैं। कई लोगों के मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज भी पहुंच गया, जबकि वास्तव में सिलेंडर घर तक नहीं पहुंचा।
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होम डिलीवरी के नाम पर वसूले 34 रुपए
जांच रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी द्वारा बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी नहीं दी जा रही थी, लेकिन “कैश एंड कैरी” के नाम पर प्रति सिलेंडर 34 रुपए अतिरिक्त वसूले जा रहे थे। विभागीय जांच में सामने आया कि हर महीने 10 से 12 हजार सिलेंडरों की होम डिलीवरी नहीं की गई, जिससे करीब 2 लाख रुपए की अवैध वसूली हो रही थी। इसके अलावा एजेंसी परिसर के पीछे खाली मैदान से घरेलू गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा था। इस दौरान उपभोक्ताओं से सुरक्षा राशि के नाम पर 236 रुपए लिए जा रहे थे। जांच में यह राशि करीब 10 लाख रुपए तक पहुंचने की बात सामने आई है।
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एडीम कोर्ट में लंबित है मामला
खाद्य विभाग की जांच में यह भी पाया गया कि एजेंसी कई नियमों का पालन नहीं कर रही थी। 4 अप्रैल को सिलेंडरों से भरा वाहन निर्धारित समय के 18 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा था। वहीं 17 अप्रैल को गोदाम निरीक्षण में भी कई अनियमितताएं मिली थीं, जिसके बाद कार्रवाई की गई थी। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि मामला फिलहाल एडीएम कोर्ट में लंबित है। जिन उपभोक्ताओं तक सिलेंडर नहीं पहुंचे हैं, वहां जल्द डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
