ट्विशा शर्मा केस: परिजनों को कोर्ट से लगा बड़ा झटका, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की याचिका खारिज
Twisha Sharma Case Update: भोपाल जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ट्विशा के शव का दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की याचिका को खारिज कर दिया है। अब इस फैसले से परिजनों को बड़ा झटका लगा है।
- Written By: सजल रघुवंशी
ट्विशा शर्मा के शव को दोबारा नहीं होगा पोस्टमॉर्टम (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bhopal District Court Re Postmortem Petition Rejected: पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में बुधवार को बड़ा और अहम अपडेट सामने आया। भोपाल की अदालत ने मृतका के परिजनों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई थी। कोर्ट के इस फैसले से ट्विशा शर्मा के परिजनों को बड़ा झटका लगा है, जो उम्मीद लगाए बैठे थे।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि शव का दोबारा पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। हालांकि, परिजनों को यह राहत दी गई है कि वे ट्विशा के पार्थिव शरीर को मध्य प्रदेश में किसी भी सुरक्षित स्थान या शवगृह में संरक्षित रख सकते हैं।
भोपाल एम्स में माइनस 4 ड्रिग्री पर प्रिजर्व है ट्विशा का शव
जानकारी के लिए बता दें कि ट्विशा के शव को फिलहाल भोपाल एम्स में माइनस 4 डिग्री तापमान पर रखा गया है। हालांकि, एम्स प्रशासन का कहना है कि शव को सुरक्षित रखने और डिकंपोज होने से बचाने के लिए माइनस 80 डिग्री तापमान की आवश्यकता है, ऐसी सुविधा भोपाल में उपलब्ध नहीं है।
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कोर्ट ने समर्थ सिंह को 23 मई को पेश होने के दिए निर्देश
वहीं, भोपाल कोर्ट ने समर्थ सिंह को 23 मई को पेश होने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर कटारा हिल्स पुलिस ने पासपोर्ट निरस्तीकरण मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि यदि वह पेश नहीं होते हैं, तो उनका पासपोर्ट निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
इस वजह से खारिज हुई परिजनों की याचिका
ट्विशा के परिजनों और उनके अधिवक्ता ने आरोप लगाया था कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर मौजूद चोटों के निशानों को छिपाने का प्रयास किया गया है। उनका यह भी कहना था कि ससुराल पक्ष के प्रभाव के चलते भोपाल में जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए शव को दिल्ली एम्स ले जाकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए। हालांकि, अदालत ने केस डायरी और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद कानूनी आधार पर दोबारा ऑटोप्सी की मांग खारिज कर दी।
सीएम मोहन यादव ने सीबीआई को पत्र लिखने का दिया आश्वासन
गौरतलब है कि फैसले से ठीक पहले ट्विशा के परिजनों ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। सीएम ने परिवार को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को पत्र लिखेगी।
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हालांकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुलाकात के दौरान यह साफ कर दिया था कि दोबारा पोस्टमार्टम का अंतिम फैसला अदालत के अधिकार क्षेत्र में है। ऐसे में अब कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने का कोई फैसला नहीं दिया है। अब देखना होगा कि इस हाईप्रोफाइल केस में आगे क्या मोड आता है।
