

Bhopal Twisha Sharma Death Case: राजधानी भोपाल में पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहीं गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह से जुड़े बहुचर्चित मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े दहेज प्रताड़ना और अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज केस में कोर्ट ने गिरीबाला सिंह को अग्रिम जमानत देती है, जबकि बेटे समर्थ की याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान भोपाल कोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को 50 हजार रुपए के मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी की उम्र अधिक है, वे न्यायपालिका में उच्च पद पर रह चुकी हैं, उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उनके फरार होने की संभावना भी नहीं है।
इस मामले में कटारा हिल्स पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था। इसके बाद दोनों ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। मामले की शुरुआत में सुनवाई विशेष न्यायाधीश सुरेखा मिश्रा की कोर्ट में पहुंची थी, लेकिन बाद में केस विशेष न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की कोर्ट में ट्रांसफर किया गया, जहां से यह फैसला आया। बेटे समर्थ सिंह की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी।
ट्विशा शर्मा केस की एफआईआर के अनुसार, मृतका के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि समर्थ सिंह शादी के बाद से ही उसे मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करता था। बताया गया कि वह अक्सर कहता था कि शादी पर किया गया खर्च उसके स्टैंडर्ड के अनुसार नहीं है। इसके अलावा ट्विशा को घरेलू खर्च के लिए पैसे भी नहीं दिए जाते थे, जिसके चलते परिजनों को उसे आर्थिक मदद भेजनी पड़ती थी।
इधर, मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने कोर्ट के फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि उन्हें यहां न्याय मिलने की उम्मीद कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से बड़ी संख्या में वकील मौजूद थे, जबकि पीड़ित पक्ष ने भी अपनी ओर से कानूनी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अदालत में अगली सुनवाई में बेटे समर्थ सिंह की जमानत पर फैसला आने की संभावना है।