भोपाल ATS का बड़ा एक्शन: 5 राज्यों में फैले संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार
Multi State Terror Network : भोपाल ATS ने 5 राज्यों में फैले संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है। 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और NIA समेत जांच एजेंसियां डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्य जुटा रही हैं।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- AI)
Bhopal ATS Terror Network Bust: मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़े अभियान के तहत ऐसे संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार कई राज्यों तक फैले होने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर विदेशी हैंडलरों के संपर्क में था और युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। मामले में अब तक 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ATS की जांच के अनुसार, नेटवर्क का कथित सरगना इजहार उल हक बताया जा रहा है, जिसे बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के आधार पर एजेंसियों ने कई अन्य संदिग्धों की पहचान की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी जांच प्रक्रिया से जुड़ गई है और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच पर फोकस
जांच एजेंसियां आरोपियों के डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। इसके तहत मोबाइल फोन, इंटरनेट गतिविधियों, लोकेशन डेटा, आईपी एड्रेस और सोशल मीडिया नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य नेटवर्क के संचालन, संपर्क सूत्रों और संभावित फंडिंग चैनलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं। हाल ही में ATS ने सहारनपुर से गिरफ्तार एक आरोपी को उसके ठिकाने पर ले जाकर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई भी की थी। जांच के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
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राजस्थान कनेक्शन की जांच
मामले में राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार मोहम्मद शाकिर मेव की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की वास्तविक क्षमता और उद्देश्य को समझने की कोशिश की जा रही है।
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मोबाइल डेटा से खुल सकते हैं कई राज
ATS ने गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। एजेंसियों को उम्मीद है कि इन उपकरणों से प्राप्त डेटा के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, संपर्क सूत्रों और गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
