लाड़ली बहना योजना, कॉन्सेप्ट फोटो
भोपाल : मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की महिलाओं को सश्कत बनाने के लिए लाडली बहना योजना की शुरुआत की थी। एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने साल 2023 में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इस योजना को लॉन्च किया था। ऐसे में अब साल 2025 की शुरुआत में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है।
दरअसल, मध्य प्रदेश में फिलहाल कुल 2 करोड़ 47 लाख महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ दिया जा रहा है। ऐसे में अब एमपी सरकार की ओर से ऐलान किया गया है कि योजना में लाभ ले रही 1.63 लाख महिलाओं के नाम को हटा दिया जाएगा।
ध्यान देने वाली बात यह है जिन महिलाओं के नाम इस योजना से उन्हीं महिलाओं के नाम हटाए जएंगे, जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा की हो चुकी हैं। इसी वजह से अब इन महिलाओं को लाभार्थी सूची से अलग कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अब ऐसी महिलाओं के खाते में पैसे नहीं आएंगे।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलती है। इस योजना की शुरुआत करते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रत्येक लाभार्थी महिला के खाते में 1000 हर महीने भेजने ऐलान किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस योजना की राशि को बढ़ाकर 1250 रुपये कर दिया है। ऐसे में इस मयोजना का लाभ उठाने वाली महिलाएं अब अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। बता दें, अगली किस्त आज ही के दिन 10 जनवरी को जारी की जानी है।
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स लाड़ली बहना योजना को लेकर निशाना साधते हुए एक गंभीर आरोप लगाया है। कमलनाथ ने एक्स पर लिखा है कि राज्य में लाडली बहनों से डॉक्टर मोहन यादव सरकार की धोखाधड़ी जारी है। ऐसा लग रहा है जैसे बीजेपी लाडली बहना योजना समाप्त करना चाहती है। 1.63 लाख लाडली बहनें इस योजना से बाहर कर दी गई है। चुनाव से पहले जो बीजेपी लाडली बहनों को 3 हजार रुपया प्रतिमाह देने का वादा कर रही थी, वही बीजेपी अब सम्मान राशि बढ़ाने की जगह लगातार लाडली बहनों की संख्या घटाने में लगी हुई है।
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आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि मध्य प्रदेश की किसी भी वर्ग की महिलाएं लाडली बहना योजना का लाभ ले पाएंगी। ऐसे में आवेदनकर्ता को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। इस योजना का लाभ शादीशुदा, विधवा, परित्यक्ता एंव तलाकशुदा महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं। 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी शादीशुदा महिलाएं भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।