Indore की साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक अपनी दृष्टिबाधित मां के साथ पहुंचा और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मतदाता सूची से नाम हटने और चार महीने की भागदौड़ के बाद भी समाधान न मिलने पर युवक का धैर्य जवाब दे गया।
इंदौर की कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब एक फरियादी ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पीड़ित युवक का आरोप था कि वह पिछले तीन से चार बार जनसुनवाई में आ चुका है, लेकिन उसकी किसी भी तरह की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
गुस्से में लाल युवक ने कलेक्ट्रेट परिसर में चिल्लाते हुए कहा, “गरीब की सुनवाई नहीं कर रहे तो क्या काम करेंगे? हम क्या अपना काम-धंधा छोड़कर रोज यहां आएंगे?”
Indore की साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक अपनी दृष्टिबाधित मां के साथ पहुंचा और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मतदाता सूची से नाम हटने और चार महीने की भागदौड़ के बाद भी समाधान न मिलने पर युवक का धैर्य जवाब दे गया।
इंदौर की कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब एक फरियादी ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पीड़ित युवक का आरोप था कि वह पिछले तीन से चार बार जनसुनवाई में आ चुका है, लेकिन उसकी किसी भी तरह की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
गुस्से में लाल युवक ने कलेक्ट्रेट परिसर में चिल्लाते हुए कहा, “गरीब की सुनवाई नहीं कर रहे तो क्या काम करेंगे? हम क्या अपना काम-धंधा छोड़कर रोज यहां आएंगे?”