अब नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर में दान संग्रह को लेकर उठे सवाल, कलेक्टर ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम
Baglamukhi Mandir Investigation : आगर मालवा के नलखेड़ा मां बगलामुखी मंदिर में दान संग्रह को लेकर उठे सवालों पर कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
मां बगलामुखी और कलेक्टर का आदेश पत्र (फोटो सोर्स- नवभारत)
Maa Baglamukhi Temple Donation Scam : आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दान संग्रह और वित्तीय व्यवस्थाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर के सौंदर्यीकरण के नाम पर श्रद्धालुओं से की गई दान राशि के उपयोग और हिसाब-किताब को लेकर शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। इधर नेता प्रतिपक्ष ने भी इस मामले में जांच की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रीति यादव ने तीन सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया है। प्रशासन ने जांच टीम को मंदिर परिसर का निरीक्षण कर पूरे मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
सौंदर्यीकरण के नाम पर दान संग्रह पर सवाल
जानकारी के अनुसार मां बगलामुखी मंदिर परिसर में रजत (चांदी) सौंदर्यीकरण कार्य के लिए एक गैर-शासकीय समिति द्वारा श्रद्धालुओं से दान संग्रह किया जा रहा था। आरोप है कि समिति ने श्रद्धालुओं से नकद, सोना और चांदी के रूप में दान प्राप्त किया, लेकिन उसके रख-रखाव और उपयोग को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई। शिकायतों में दान राशि के रिकॉर्ड, उपयोग और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है।
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तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
कलेक्टर द्वारा गठित जांच दल में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बी.एस. सोलंकी को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नगर परिषद नलखेड़ा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) मिनी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- मंदिर की अधिकृत व्यवस्था के अलावा कोई समानांतर दान संग्रह व्यवस्था संचालित थी या नहीं
- श्रद्धालुओं से प्राप्त नकद, सोना और चांदी के दान का पूरा रिकॉर्ड
- दान राशि से जुड़े बैंक खातों और वित्तीय दस्तावेजों की जांच
- मंदिर प्रबंधन, अधिकारियों या अन्य लोगों की भूमिका और जवाबदेही तय करना
- सात दिन में देनी होगी रिपोर्ट
नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाए सवाल
इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा में दान राशि और आभूषणों को लेकर उठे विवाद पर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सिंघार ने मांग की कि मंदिर की दान व्यवस्था का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
राम मंदिर के चढ़ावे पर डकैती, महाकाल के घर में जमीनों पर कब्जे के बाद अब माँ बगलामुखी मंदिर में भी भक्तों को ठगने के आरोप! माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में श्रद्धालुओं के नकद चढ़ावे और सोना-चांदी के आभूषणों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप इतने गंभीर हैं कि स्वयं जिला प्रशासन… pic.twitter.com/poPPpZy0ny — Umang Singhar (@UmangSinghar) July 8, 2026
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7 दिनों के अंदर कलेक्टर को सौंपनी होगी रिपोर्ट
प्रशासन ने जांच टीम को सभी जरूरी साक्ष्य जुटाने, संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने और सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपने के निर्देश दिए हैं। मां बगलामुखी मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में दान व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बाद प्रशासन की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
