स्लीप साइकल (सोशल मीडिया)
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: अच्छे स्वास्थ्य के लिए भरपूर नींद का लेना जरूरी होता है वहीं पर कई बार लोगों को शिकायत होती है कि, वे 8 घंटे में भी नींद पूरी नहीं कर पाते है। इसके अलावा हाल ही में अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन की ओर से रिसर्च सामने आई है कि, अगर आप 8 घंटे ना सही लेकिन 4 घंटे की नींद लेकर भी तरोताज महसूस करते है तो आपकी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता है। नींद पूरी नहीं होने पर लोगों को स्लीप डिस्क, मोटापा और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियां घेर लेती है।
जानिए क्या कहती है स्टडी
यहां पर अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए 8 घंटे की नींद लेना जरूरी होता है तो वहीं पर सभी इतने घंटे की नींद कम ही ले पाते है वहीं कुछ तो 4 घंटे की नींद लेने के बाद तरोताजा महसूस करते है। इसका कारण नींद के घंटे नहीं बल्कि इस पर आधारित होता है कि, आपकी नींद की क्वालिटी क्या है हो सकता है चार घंटे फ्रेशनेस के लिए बेहतर होते है।ऐसे लोगों को डीप स्लीपर कहते हैं जिन्हें कम नींद की वजह से बीमारी नहीं होती है बल्कि जिनकी नींद आठ घंटे के बाद भी पूरी नहीं होती है उसे लाइट स्लीपर कहते है।
क्या होता है स्लीप साइकल
24 घंटे में से 8 घंटे भरपूर नींद के लिए पर्याप्त होता है यहां पर स्लीप साइकल को समझे तो, इसका अर्थ है नींद का चक्र पूरा होना है. इसमें सोने से लेकर जागने तक कई स्टेज होते हैं. बेड पर सोने के बाद नींद आने की शुरुआत से इसकी शुरुआत हो जाती है, हर किसी में इस स्टेज के घंटे अलग अलग हो सकते हैं। आमतौर पर दो घंटे बाद इस स्टेज से शरीर दूसरी स्टेज में जाने लगता है. इसमें आंखों की गति धीमी हो जाती है और हार्ट रेट पहले से सामान्य हो जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान डीप स्लीप होती है, इसमें ब्रेन शांत रहता है और नींद गहरी होती जाती है, इसमें जो इंसान सबसे ज्यादा रहता है, वो कम घंटे के बावजूद अपनी नींद पूरी कर लेता है। तीसरा और आखिरी स्टेज REM SLEEP होता है. इसमें नींद पूरी होती रहती है इंसान सपने देखते रहता है जो समय दो घंटे का हो सकता है।