World Standards Day: घर के सामान से लेकर बिजली के उपकरणों तक, कैसे तय होते हैं क्वालिटी के मानक?

ISI Mark Meaning: घर में इस्तेमाल होने वाले बिजली के उपकरण, खिलौने, हेलमेट और सोने के गहनों तक की गुणवत्ता जांचने के लिए अलग-अलग मानक बनाए जाते हैं। जानिए BIS, ISI मार्क व हॉलमार्क का मतलब।
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स्टैंटडर्ड डेफोटो.सोशल मीडिया
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Highlights:

  • प्रोडक्ट की सुरक्षा, क्वालिटी और काम करने की क्षमता के लिए मानक बनाए गए हैं।

  • BIS भारत में मानक तैयार करने और प्रमाणन की अहम जिम्मेदारी निभाता है।

  • ISI मार्क, हॉलमार्क और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद का रजिस्ट्रेशन मार्क अलग-अलग स्टैंडर्ड दर्शाते हैं।

Quality Standards In India: हर साल 14 अक्टूबर को विश्व मानक दिवस (World Standards Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट और उनके सर्विसेज के लिए मानक तैयार करना हैं। इन मानकों से उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता और एक-दूसरे के साथ काम करने की क्षमता बेहतर बनाने में मदद मिलती हैं।

साल 2026 में इस दिवस की थीम सतत विकास लक्ष्य-7 यानी सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा पर केंद्रित है। इसमें ऐसे ऊर्जा तंत्रों की जरूरत पर जोर दिया जाता है, जो सुरक्षित, भरोसेमंद और अधिक कुशल हों।

आखिर क्वालिटी के मानक कैसे तय होते हैं?

किसी उत्पाद का मानक केवल उसकी कीमत, रंग या बनावट देखकर तय नहीं की जाती है। इसके लिए उत्पाद किस काम के लिए बनाया गया है, उसे किन परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जाएगा और उसके इस्तेमाल से जुड़े जोखिम क्या-क्या हैं।

किसी भी प्रोडक्ट के स्टैंडर्ड को तैयार करने की प्रक्रिया में टेक्निकल एकसपर्ट, साइंटिस्ट, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का योगदान होता हैं। वे उत्पाद की बनावट, सामग्री, सुरक्षा, फंक्शनिंग और जांच के तरीकों जैसे पहलुओं पर विचार करते हैं।

भारत में भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS भारतीय मानकों को तैयार करने और प्रकाशित करने के साथ उत्पाद प्रमाणन तथा गुणवत्ता व्यवस्था पर भी काम करता है।

घर के सामान की गुणवत्ता कैसे जांची जाती है?

  • बिजली के उपकरण: सुरक्षा, बिजली से जुड़े जोखिम, प्रदर्शन और संबंधित तकनीकी जरूरतों की जांच की जाती है।

  • हेलमेट और सुरक्षा से जुड़े उत्पाद: उनकी बनावट, मजबूती और निर्धारित सुरक्षा जरूरतों को देखा जाता है।

  • खिलौने: उम्र के हिसाब से सुरक्षा, इस्तेमाल की गई सामग्री और संभावित जोखिम अहम होते हैं।

  • सोने के गहने: हॉलमार्किंग के जरिए सोने की शुद्धता से जुड़ी जानकारी दी जाती है।

बता दें कि हर उत्पाद पर एक ही तरह का मार्क नहीं लगता। यह उत्पाद की श्रेणी और उस पर लागू नियमों पर निर्भर करता है।

ISI मार्क, हॉलमार्क और रजिस्ट्रेशन मार्क में अंतर

ISI मार्क

यह बीआईएस मार्क के उत्पाद प्रमाणन से जुड़ा मानक चिह्न है। यह संबंधित उत्पाद लागू भारतीय मानक के अनुरूप प्रमाणित है। खरीदते समय असली मार्क और लाइसेंस नंबर की जांच करना जरूरी है।

हॉलमार्क

सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग से उनकी शुद्धता से जुड़ी जानकारी मिलती है। गहने खरीदते समय हॉलमार्किंग सिस्टम और HUID जैसी जरूरी जानकारी की जांच करें। हॉलमार्क के नंबर को ऑनलाइन जांचने की भी सुविधा है।

इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का रजिस्ट्रेशन मार्क

कई इलेक्ट्रॉनिक और आईटी से जुड़े उत्पादों के लिए BIS की अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होती है। ऐसे उत्पादों पर संबंधित रजिस्ट्रेशन मार्क और डिटेल को जरूर देखना चाहिए। इससे उसकी मैन्युफैक्चरिंग समेत कई जानकारियां मिलती है।

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क्या हर उत्पाद के लिए BIS प्रमाणन जरूरी है?

बीआईएस की उत्पाद प्रमाणन योजना इच्छा पर निर्भर करती है, लेकिन सरकार ने कुछ उत्पादों के लिए संबंधित भारतीय मानकों का पालन और प्रमाणन अनिवार्य कर रखा है। इसलिए किसी उत्पाद पर मार्क होना चाहिए या नहीं, यह उसकी कैटेगरी और नियमों पर निर्भर करता है।

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