

Senior Citizen Happiness: हर साल 21 अगस्त को वर्ल्ड सीनियर सिटिजन्स डे मनाया जाता है। यह दिन बुजुर्गों के हमारे जीवन में योगदान, उनके अनुभव और सम्मान को याद करने के साथ-साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य, खुशी और सामाजिक जुड़ाव पर ध्यान देने का अवसर है।
भारत में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी के साथ उनकी देखभाल और सामाजिक सुरक्षा की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में 60 वर्ष से अधिक उम्र की आबादी 2011 में करीब 10 करोड़ थी, जो अनुमानतः 2036 तक बढ़कर करीब 23 करोड़ यानी कुल आबादी का 14.9% हो सकता है।
वहीं, 2026 के अनुमान में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या करीब 16.28 करोड़ है। ऐसे में बुजुर्गों को सिर्फ सुविधाएं ही नहीं, बल्कि परिवार का समय, अपनापन और इमोशनल सपोर्ट की भी जरूरत होती है। इसी सोच के तहत सरकार अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) जैसी योजनाओं के जरिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, देखभाल, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है।
पुरानी यादों, परिवार के नए-पुराने किस्से या उनके जीवन के अनुभवों के बारे में बात करें। उन्हें बिना जल्दबाजी के सुना जाना अपने आप में बड़ी खुशी है।
उनके साथ बैठकर चाय पीना, पसंदीदा नाश्ता करना या कुछ देर बातचीत करना दिन को खास बना सकता है। छोटी-छोटी मुलाकातें इमोशनल अटैचमेंट को बढ़ाती है।
उनकी पसंदीदा डिश बनाकर खिलाएं। स्वाद के साथ उनकी सेहत का ध्यान रखते हुए कम तेल, नमक या कम चीनी वाला खाना बनाएं। इससे उन्हें खास महसूस होगा और वो उन्हें अंदरूनी खुशी मिलेगी।
बागवानी, किताबें पढ़ना, ताश खेलना, बुनाई, संगीत या भजन जैसे पसंदीदा कामों के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें। शौक उन्हें एक्टिव रखने के साथ बिजी भी रखेगी।
अगर आपके घर के बुजुर्ग स्वस्थ हैं, तो थोड़ी देर साथ टहलें या हल्की शारीरिक गतिविधि करें। इससे उन्हें सक्रिय रहने के साथ परिवार का साथ भी मिलेगा।
परिवार की पुरानी तस्वीरें निकालकर उनके साथ बैठें और उनसे जुड़े किस्से सुनें। यह उनके अनुभवों को सम्मान देने का प्यारा तरीका हो सकता है।
अगर बच्चे या रिश्तेदार दूर रहते हैं तो वीडियो कॉल करवाएं। तकनीक के जरिए परिवार से जुड़े रहना बुजुर्गों को अकेलेपन से बचाने और सामाजिक जुड़ाव बनाए रखने में मदद करता है।
रोजमर्रा के छोटे फैसलों में उनकी राय पूछें- जैसे आज खाने में क्या बने या घूमने कहां जाएं। उनकी बात को महत्व देना उन्हें सम्मान और अपनापन महसूस कराता है।