Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

करवाचौथ की रात ‘छलनी’ से क्यों देखती हैं सुहागनें चांद, ज़रूर जानें इसके पीछे की पौराणिक कथा

  • Written By: नवभारत डेस्क
Updated On: Oct 13, 2022 | 10:11 AM

File Photo

Follow Us
Close
Follow Us:

सीमा कुमारी

नई दिल्ली: इस वर्ष ‘करवा चौथ’ (Karwa Chauth) का व्रत 13 अक्टूबर यानी, आज गुरूवार को है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ दिन में सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। 16 श्रृंगार करके पूजा में चांद को छलनी के साथ देखती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चंद्र देव को अर्घ्य देते समय सुहागिन महिलाएं चंद्रमा को क्यों देखती हैं? तो आइए जानें इस पौराणिक रीति-रिवाज के बारे में –

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, एक साहूकार के सात बेटे और एक बेटी थी। साहूकार की बेटी ने मायके में आकर एक बार अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा। परंतु पानी पिए बिना निर्जला व्रत रखने के कारण उसकी तबीयत खराब होने लगी। अपनी बहन की खराब तबीयत देखते हुए भाईयों ने उसका व्रत खोलने के लिए एक पेड़ की आड़ में छलनी के पीछे एक जलता हुआ दीया रख दिया।

सम्बंधित ख़बरें

Dhurandhar 2 Collection: तीसरे शनिवार को ‘धुरंधर 2’ ने मचाया धमाल, 1000 करोड़ क्लब के बेहद करीब

कार की लालच और जुर्म की राह! 3 इंजीनियरिंग छात्र निकले कारोबारी के हत्यारे, कबूलनामे में चौंकाने वाला खुलासा

SRH vs LSG: हैदराबाद की भिड़ंत लखनऊ से, जानें पिच और मौसम का हाल; हेड टू हेड में किसका पलड़ा है भारी

Jay Pawar ने BSR एयरलाइंस मालिक की गिरफ्तारी की मांग, विमान हादसे पर उठाए सवाल

इस जलते हुए दीए को देखकर साहूकार की बेटी ने सोचा की चांद आ गया है और उसने उस जलते हुए दीए को चंद्रमा मानकर अर्घ्य देकर अपना व्रत खोल दिया। ऐसा माना जाता है कि भाईयों के द्वारा छल के कारण उसका व्रत टूट गया था। जिसके बाद मां करवा साहूकार की बेटी से नाराज हो गई थी। नाराज होकर मां करवा से उसके पति के प्राण हर लिए थे।

माना जाता है कि साहूकार की बेटी ने छल से अपना व्रत खोलने की मां करवा से क्षमा मांगी और अपनी भूल को सुधारने के लिए उसने अगले साल पूरे विधि-विधान के साथ करवाचौथ का व्रत रखा। दूसरी बार व्रत के दौरान उसने अपने हाथ में छलनी और दीपक लेकर चंद्र देव के दर्शन किए और उन्हें अर्घ्य दिया। छल से बचने के लिए उसने छलनी के साथ चंद्रमा के दर्शन किए। इसलिए करवा चौथ पर छलनी से चांद देखा जाता है। साहूकार की बेटी के द्वारा की गई पूजा से मां करवा प्रसन्न हुई और उन्होंने उसकी बेटी के पति को फिर से जीवित कर दिया।

Why do honeymooners see the moon through sieve on the night of karva chauth definitely know the mythology behind it

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Oct 13, 2022 | 10:11 AM

Topics:  

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.