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नई दिल्ली: हर साल 14 जनवरी से 17 जनवरी तक हमारे देश में पोंगल का त्यौहार मनाया जाता है। हम सब जानते है कि पोंगल दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। जहां हर साल 14 जनवरी को पुरे देश में मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है वही हमारे दक्षिण भारत में पोंगल का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन आपको बता दें कि इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को नहीं बल्कि 15 जनवरी की है और इसी दिन मनाई जाएगी।
आपको बता दें कि पोंगल (Pongal 2022) का यह त्योहार चार दिनों तक चलता है। इस साल भी ये त्यौहार 14 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा। मकर संक्रांति और लोहड़ी (Makar Sankranti and Lohri) की तरह पोंगल भी फसल और किसानों का त्योहार है। इस दिन को किसान बड़े उत्साह के साथ मनाते है।
दरअसल तमिलनाडु में पोंगल इस त्यौहार की खास धूम देखने को मिलती है। जी हां चार दिन तक चलने वाले पोंगल के त्योहार को तमिलनाडु में नए साल के रूप में भी मनाया जाता है।
बता दें कि यह पोंगल त्योहार तमिल महीने ‘तइ’ की पहली तारीख से शुरू होता है। इस त्योहार में इंद्र देव और सूर्य की उपासना की जाती है। पोंगल का त्योहार संपन्नता को समर्पित है। पोंगल में समृद्धि के लिए वर्षा, धूप और कृषि से संबंधित चीजों की पूजा अर्चना की जाती है। सभी किसानों के लिए यह त्यौहार बहुत मायने रखता है।