Vayushakti 2026: भारतीय वायुसेना ने राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज में होने वाले अपने अहम युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति-26’ की फुल ड्रेस रिहर्सल गुरुवार को सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस महत्वपूर्ण अभ्यास की तैयारी को लेकर इंडियन एयरफोर्स ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक अहम जानकारी भी साझा की है। इस पोस्ट के जरिए वायुसेना ने अपनी ताकत दिखाते हुए आधुनिक रक्षा प्रणाली एस-400 के शानदार और अचूक प्रदर्शन की झलक दुनिया के सामने पेश की है।
आपको बता दें कि पोखरण में होने वाले इस विशाल ‘वायुशक्ति-26’ युद्धाभ्यास में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के साथ-साथ एक सौ बीस से अधिक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइलें और हेलीकॉप्टर हिस्सा ले रहे हैं। ये सभी अपनी युद्धक तैयारियों, अचूक मारक क्षमता और बेहतरीन तालमेल के साथ ऑपरेशनल ताकत का शानदार प्रदर्शन करेंगे। देश की सर्वोच्च कमांडर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी स्वयं इस अहम सैन्य अभ्यास की करीब से निगरानी करेंगी और वायुवीरों का हौसला बढ़ाएंगी।
भारतीय वायुसेना ने अपने पोस्ट में लिखा कि हमारी सेना पूरी तरह अचूक, अभेद्य और सटीक है। महाअभ्यास में केवल एक दिन शेष है। वायुसेना ने पोखरण में ‘वायुशक्ति 26’ की रिहर्सल के दौरान अपने सभी ऑपरेशनल पैमानों को सफलतापूर्वक जांच लिया है। अभ्यास में सभी निर्धारित लक्ष्यों को अचूक तरीके से नष्ट किया गया। अब वायुसेना के सभी जांबाज योद्धा सत्ताईस फरवरी को जैसलमेर के पोखरण में अंतिम और निर्णायक प्रदर्शन के लिए मुस्तैद हैं।
Indian Air Force: Infallible, Impervious and Precise 1 day to go. The Indian Air Force has successfully validated all operational parameters during the Full Dress Rehearsal for #Vayushakti26 at Pokhran, all targets effectively neutralised. All Air Warriors now stand fully… pic.twitter.com/j7ZWmOYYb1 — Indian Air Force (@IAF_MCC) February 26, 2026
इंडियन एयरफोर्स द्वारा साझा किए गए वीडियो में रूस निर्मित एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को फायर करते हुए साफ दिखाया गया है। गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एस-400 ने 314 किलोमीटर की रिकॉर्ड दूरी से अचूक हमला किया था। इस ऐतिहासिक कार्रवाई में एफ-16 और जेजी-17 श्रेणी के कम से कम पांच अत्याधुनिक पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के अलावा एक इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (एलइंट) या एईडब्ल्यूएंडसी टोही विमान को भी सफलतापूर्वक मार गिराया गया था।
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जमीन से हवा में मार करने वाला एस-400 मिसाइल सिस्टम लगभग 380 किलोमीटर की प्रभावशाली रेंज रखता है। अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 40,000 करोड़ रुपये के समझौते के बाद इसे तीन ऑपरेशनल स्क्वाड्रन में तैनात किया गया है। वायुसेना के अनुसार, इस विशाल अभ्यास का मुख्य उद्देश्य उभरते खतरों को तुरंत नष्ट करना, युद्ध क्षेत्र के माहौल पर अपना पूरा दबदबा कायम करना और सामरिक कार्रवाइयों को सटीक रणनीतिक सफलताओं में बदलने की क्षमता दिखाना है।