रिलेशनशिप में किसी और का अच्छा लगना धोखा है या नहीं? जानें क्या है फ्लिकरिंग और माइक्रो-चीटिंग में अंतर

Signs of Cheating: रिलेशनशिप में कभी-कभी किसी और की ओर आकर्षित होना आम बात हो सकती है लेकिन यह कब धोखे की सीमा पार कर जाता है यह समझना जरूरी है।
Micro Cheating And Flickering In Relationship
कपल के बीच दूरी (सौ. फ्रीपिक)
Published on
Updated on

Relationship Tips: आज के दौर में रिश्तों का समीकरण बदल रहा है जहां लोग अपने अनुसार रिश्तों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही चीटिंग की परिभाषा भी विकसित हो रही है। कई लोगों का मानना है कि शारीरिक संबंधों को ही बेवफाई या धोखा होता है लेकिन अब ए नया शब्द चर्चा में है। दरअसर हम बात कर रहे हैं माइक्रो चीटिंग की।

माइक्रो-चीटिंग क्या है?

जैसा कि नाम से पता चलता है माइक्रो का अर्थ है छोटा और चीटिंग का अर्थ है धोखा। इसे कम मात्रा में किया गया धोखा कहा जा सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार माइक्रो-चीटिंग के दो मुख्य प्रकार होते हैं। पहला प्रकार वह है जिसमें स्पष्ट रूप से छल और कपट शामिल होता है। उदाहरण के लिए अपने किसी पूर्व प्रेमी या प्रेमिका को मैसेज करना और उसके सबूत मिटाने के लिए चैट डिलीट कर देना या किसी नए आकर्षक दोस्त का नंबर फोन में फर्जी नाम से सेव करना। यह व्यवहार पूरी तरह से गलत है और इसे चीटिंग ही कहा जाना चाहिए क्योंकि इसमें छिपाव और धोखे की नीयत होती है।

क्या है फ्लिकरिंग

वहीं दूसरे प्रकार के व्यवहार को फ्लिकरिंग नाम दिया है। यह वह स्थिति है जहां व्यक्ति किसी अन्य के प्रति आकर्षण महसूस करता है लेकिन उसकी नीयत गलत नहीं होती। उदाहरण के लिए किसी बरिस्ता के साथ सामान्य हंसी-मजाक करना, किसी प्रोफेसर पर निर्दोष क्रश होना या सोशल मीडिया पर किसी हॉट कंटेंट क्रिएटर का वीडियो देखना।

पार्टनर के होते हुए भी किसी दूसरे व्यक्ति को आकर्षक मानना या किसी की फोटो लाइक करना चीटिंग नहीं है। इसे फ्लिकरिंग कहा जाना चाहिए क्योंकि यह एक स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया है। लोकप्रिय टीवी शो फ्रेंड्स में चांडलर का पिज्जा डिलीवरी गर्ल के साथ फ्लर्ट करना या मॉडर्न फैमिली में फिल का ग्लोरिया को आकर्षक मानना इसके कुछ उदाहरण हैं जो पूरी तरह से नुकसानरहित होते हैं।

सीमाएं तय करना है जरूरी

एक्सपर्ट का मानना है कि फ्लिकरिंग को छिपाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। यदि आप अपने रिश्ते में सुरक्षित महसूस करते हैं तो अपने पार्टनर को इन छोटे आकर्षणों के बारे में बताना रिश्ते को और मजबूत बना सकता है। हालांकि हर रिश्ते की अपनी सीमाएं होती हैं। यह आप और आपके पार्टनर पर निर्भर करता है कि आप किस व्यवहार को लेकर सहज हैं।

सूक्ष्म धोखे में विश्वासघात शामिल होता है जबकि फ्लिकरिंग एक सामान्य मानवीय आकर्षण है जिसे रिलेशनशिप क्राइम नहीं माना जाना चाहिए। रिश्तों में पारदर्शिता और संचार ही वह माध्यम है जिससे आप तय कर सकते हैं कि रेड फ्लैग कहां दिखाना है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com