आज जाग रहे हैं योगनिद्रा से भगवान विष्णु, ‘देवउठनी एकादशी’ पर इस उपाय से बन जाएंगे रुके हुए काम
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते के साथ सफेद रंग का भोग जरूर अर्पित करें।
- Written By: नवभारत डेस्क
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-सीमा कुमारी
इस साल देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi) 4 नवंबर, शुक्रवार को है। हिन्दू धर्म में देवउठनी एकादशी का महत्व इसलिए है, क्योंकि इस दिन ‘चातुर्मास’ का समापन के साथ ही भगवान विष्णु योग निद्रा जाग से जाग जाते हैं। इस एकादशी को ‘देवोत्थान एकादशी’ और ‘प्रबोधिनी एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन के साथ ही मांगलिक कार्यों का होना शुरू हो जाता है। मान्यता है कि देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से वह प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, इस दिन से सभी मांगलिक कार्य, जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश क्रिया, उपनयन संस्कार फिर शुरू हो जाते हैं। शास्त्रों में भी इस दिन के विषय में कुछ विशेष उपायों को बताया गया है, जिन्हें करने से व्यक्ति को बहुत लाभ मिलता है। आइए जानें उन उपायों को-
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ज्योतिष-शास्त्र के मुताबिक, ‘देवउठनी एकादशी’ के दिन घर के नजदीक बने मंदिर में भगवान विष्णु को नारियल व बादाम अर्पित करें। इससे रुके हुए सभी कार्य पूर्ण होते हैं और उनका परिणाम भी उत्तम निकलता है।
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए देवउठनी एकादशी के दिन केसर और दूध से उनका अभिषेक करें। ऐसा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते के साथ सफेद रंग का भोग जरूर अर्पित करें। इस दिन खीर या सफेद रंग का मिष्ठान भगवान को भोग लगाना सबसे उत्तम उपाय है। ऐसा करने से धन वृद्धि होती है।
कहते है यदि कोई व्यक्ति आर्थिक तौर पर समस्याओं को झेल रहा है तो वह देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा जरूर करें और उन्हें कुछ पैसे अर्पित करे। पूजा के उपरांत उन पैसों को वह वापस तिजोरी या पर्स में रख लें। ऐसा करने से धन लाभ होता है और पैसों से जुड़ी कई समस्याएं समाप्त हो जाती हैं।
