-सीमा कुमारी
‘मासी मगम’ (Masi Magam) का त्यौहार मुख्य रूप से भारत के दक्षिण में तमिलनाडु और केरल आदि राज्यों में मनाया जाता है। ‘मासी मगम’ (Masi Magam) का यह त्यौहार हर साल माघ महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 16 फरवरी, बुधवार को है।
धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, इस दिन यानी ‘मासी मगम’ (Masi Magam) के दिन व्रत करने से श्रद्धालुओं के सभी दुख दूर हो जाते हैं। जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। इसके अलावा, संतान की प्राप्ति और सर्वत्र विजय प्राप्ति करने का वरदान भी मिलता है।
तमिल पंचांग के अनुसार, यह पर्व मासी महीने में ‘मकम नक्षत्र’ में मनाया जाता है। इस तिथि का विशेष महत्व है। तमिल समाज के लोग ‘मासी मगम’ (मगम) पर्व को बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। इस पर्व के बारे में बहुत कम लोगों को पता है। ऐसा कहा जाता है कि ‘मासी मगम’ तमिलनाडु के प्रमुख त्योहारों में से एक है। आइए, मासी मगम की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जानें –
‘मासी मगम’ साल का सबसे शक्तिशाली पूर्णचंद्र दिवस माना जाता है। इसके अलावा, ‘मासी मगम’ 27 सितारों में से एक है। यह राजाओं और पूर्वजों के जन्म का सितारा भी माना जाता है। ‘मासी मगम’ के दिन पूर्णिमा तिथि भी होती है। ऐसे में इस दिन श्राद्ध और पितरों का तर्पण आदि करने के लिए दिन बेहद उपयुक्त माना जाता है।
जो भी श्रद्धालु इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा अर्चना करते हैं, उन्हें जीवन में सुख, समृद्धि और अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सिर्फ इतना ही नहीं, उससे शक्ति और ऊर्जा प्राप्त होने के साथ-साथ उसके जीवन की सभी नकारात्मक शक्तियां और उर्जाएं नष्ट हो जाती हैं।