सिंगल पेरेंट कैसे रहें तनावमुक्त और खुशहाल, जानिए कुछ टिप्स, मिल सकती है बड़ी मदद
- Written By: दीपिका पाल
सिंगल पैरेंट्स के लिए खुश रहने के टिप्स (फोटो-सोशल मीडिया)
सीमा कुमारी
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: ‘सिंगल पेरेंट’ (single parent) किसी फिल्म का दिलचस्प किरदार हो सकता है, लेकिन असल ज़िंदगी में ये किरदार निभाना उतना आसान नहीं है। अकेले ही बच्चे की सारी जरूरतों का ख्याल रखना और उसके लिए माता-पिता दोनों बनना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मौजूदा वक्त में सिंगल पैरेंटिंग होना बहुत ही आम बात हो गई है। सच तो यह है कि, सिंगल मदर या फादर होना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। बच्चे की अच्छी परवरिश में मां-बाप दोनों का योगदान होता है और जब कोई एक नहीं होता तो इस जिम्मेदारी का बोझ बहुत ज्यादा लगने लगता है।
सम्बंधित ख़बरें
आप भी गर्मियों में जल्दी थक जाते हैं? नियमित व्यायाम से बढ़ा सकते हैं अपना स्टेमिना, जानें कैसे
Neon Color Outfit: नियॉन आउटफिट्स से अपने फैशन गेम को बनाएं सुपर स्टाइलिश, मिलेगा फ्रेश और वाइब्रेंट लुक
Mango Squash Recipe: आम के शौकीन के लिए परफेक्ट है शेफ पंकज भदौरिया का मैंगो स्क्वॉश, हर कोई पूछेगा रेसिपी
Hair Fall Problem: क्या एसिडिटी की वजह से भी झड़ सकते हैं बाल? जानिए इसके पीछे की सच्चाई
अपने दम पर करते हैं परवरिश
आपको बता दें, बहुत से सिंगल पैरेंट्स अपने दम पर अपने बच्चे की परवरिश करते हैं। इस तरह की मॉर्डन पैरेंटिंग में अक्सर वो लोग शामिल होते हैं जो तलाकशुदा होते हैं या फिर लिव इन में होते हैं। वहीं, कुछ ऐसे लोग भी सिंगल पैरेंट होते हैं जिन्होंने शादी नहीं की होती और बस बच्चा गोद ले लेते हैं, चाहे परिस्थिति कोई भी हो, सबसे बड़ी चुनौती होती है अकेले अपने बच्चे की अच्छी परवरिश करना।
जो आपको मानसिक तनाव भी दे सकता है। मेंटल हेल्थ बिगड़ने से कई सारी चीज़ें खराब होने लगती हैं। अगर आप भी जूझ रहे हैं सिंगल पैरेंट बनने के बाद किसी तरह के तनाव से, तो तुरंत इसका समाधान निकालें क्योंकि ये आपके साथ बच्चे के लिए भी हो सकता है खराब। ऐसे में आइए जान लें सिंगल पेरेंट्स कैसे रखें खुद को खुश?
सिंगल पेरेंट्स ऐसे रखें खुद को खुश और टेंशन फ्री
1- प्राप्त जानकारी के अनुसार, मां और पिता दोनों की भूमिका अकेले निभाना मां के लिए कतई आसान नहीं है। ऐसी स्थितियों में कभी डिप्रेशन या स्ट्रेस में आना बहुत स्वाभाविक है। पति-पत्नी के झगड़ों और नकारात्मक माहौल से आगे बढ़कर आप जब सिंगल पेरेंटिंग की दिशा में आगे बढ़ जाती हैं तो पीछे मुड़कर देखने और दुखी होने की जरूरत नहीं है।
2- इस बात को लेकर मन पर बोझ ना रखें कि परवरिश में आपसे कहीं कोई कमी ना रह जाए। तनाव बढ़े तो दोस्तों और घर-परिवार के साथ हल्के-फुल्के पल बिताना काफी अच्छा रहता है। इससे आप मेंटली रिलैक्स हो जाती हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में फिर से पूरी ऊर्जा के साथ काम में लग जाती हैं।
फिल्म का अहम किरदार (फोटो-सोशल मीडिया)
3- बच्चे आपके लिए प्रायोरिटी हैं, तो उनके साथ भी वक्त बिताएं। इससे उन्हें तो अच्छा लगेगा ही साथ ही आपको भी अच्छा फील होगा। उनके साथ तरह-तरह की एक्टिविटीज प्लान करें। ट्रिप पर जाएं। उनसे उनका दिन कैसा गया पूछें। बच्चे के साथ खुलकर बातचीत करें। ये सारी चीज़ें न सिर्फ आप दोनों को ही खुश करेंगी, बल्कि आपके बीच का रिश्ते को भी स्ट्रॉन्ग बनाती हैं।
4- जानकारों का मानना है कि, सिंगल मदर्स के लिए आर्थिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी होता हैं। बच्चे की जरूरतें, उसकी ख्वाहिशें आर्थिक रूप से मजबूत हुए बिना पूरी नहीं की जा सकती। लेकिन, बच्चे को भी शुरू से अपनी स्थितियों से परिचित करवा दें और उन्हें ये शिक्षा दें की आप दोनों के लिए एक-दूसरे के साथ रहना ही सबसे बड़ी खुशी है।
5- बच्चा छोटा है तो बच्चे को अकेले छोड़ना और उसकी अच्छी परवरिश पर विशेष ध्यान देना भी चिंता का विषय होता है। अगर बच्चा बड़ा भी है तो भी उसे किसी के भरोसे न छोड़ें। आज की दुनिया में किसी पर विश्वास करना ही सबसे बड़ी गलती सकती है।
6- कोशिश करें कि, बच्चे को आप इस तरह से समझदार बना सकें कि वो छोटी उम्र से ही थोड़ी देर आपके बिना सब कुछ संभालना सीख जाए।
7- अकेले सारी जिम्मेदारी संभालते वक्त गुस्सा या चिड़चिड़ापन आना लाजमी है लेकिन अपने गुस्से पर काबू रखने की कोशिश करें क्योंकि अगर आप हर बात पर गुस्सा करने लगेंगी तो इससे आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। इसके अलावा, दूसरों का गुस्सा या फिर अपने काम का गुस्सा अपने बच्चों पर न निकालें। उन्हें डाटने और पीटने की बजाय शांति से बात करें।
