
बच्चे को पढ़ाते हुए व्यक्ति (सौ. फ्रीपिक)
Exam Tips: आज के डिजिटल शोर-शराबे और गैजेट्स के दौर में बच्चों का ध्यान एक जगह टिकाना किसी चुनौती से कम नहीं है। अक्सर माता-पिता बच्चों को रटने या घंटों बैठने के लिए मजबूर करते हैं जो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। लेकिन सही तकनीक और वैज्ञानिक बदलावों से आप बिना दबाव डाले बच्चे की सीखने की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
आजकल की प्रतिस्पर्धी दुनिया में हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई में अव्वल आए। हालांकि अधिकांश बच्चे ध्यान भटकने और पढ़ाई हुई चीजों को जल्दी भूलने की समस्या से जूझते हैं। पेरेंटिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार याददाश्त बढ़ाना कोई जादू नहीं बल्कि एक अभ्यास है। यहा कुछ सरल और प्रभावी तरीके दिए गए हैं जो आपके बच्चे के शैक्षणिक प्रदर्शन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
बच्चे के फोकस के लिए वातावरण सबसे ज्यादा मायने रखता है। पढ़ाई के लिए एक ऐसा स्थान चुनें जहां टीवी का शोर या मोबाइल की घंटी न सुनाई दे। एक व्यवस्थित डेस्क और आरामदायक कुर्सी बच्चे को मानसिक रूप से पढ़ाई के लिए तैयार करती है।
लगातार 3-4 घंटे बैठने से दिमाग थक जाता है और जानकारी को स्टोर करना बंद कर देता है। इसके बजाय बच्चे को हर 45 मिनट के बाद 10 मिनट का ब्रेक लेने के लिए प्रोत्साहित करें। इस ब्रेक में वह हल्का व्यायाम करे या पानी पिए जिससे उसका मस्तिष्क फिर से एक्टिव हो जाए।
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शब्दों को रटने की तुलना में चित्र और ग्राफिक्स दिमाग में जल्दी बैठते हैं। बच्चे को पढ़ाते समय फ्लोचार्ट, डायग्राम या कलरफुल पेन का इस्तेमाल करना सिखाएं। जब बच्चा जानकारी को एक कहानी या तस्वीर की तरह देखता है तो उसकी याददाश्त लंबी होती है।
याददाश्त का सीधा संबंध नींद से है। गहरी नींद के दौरान ही मस्तिष्क जानकारी को ‘लॉन्ग टर्म मेमोरी’ में सेव करता है। सुनिश्चित करें कि बच्चा 8-9 घंटे की नींद ले। साथ ही, उसके आहार में बादाम, अखरोट और ताजे फल शामिल करें जो दिमाग की कोशिकाओं को पोषण देते हैं।
बच्चे से कहें कि जो उसने आज पढ़ा है वह आपको शिक्षक बनकर समझाए। जब हम किसी को कुछ सिखाते हैं तो हमारा दिमाग उस जानकारी को सबसे बेहतर तरीके से प्रोसेस करता है। यह तकनीक न केवल याददाश्त बढ़ाती है बल्कि बच्चे का आत्मविश्वास भी बढ़ाती है।
इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप देखेंगे कि आपके बच्चे की एकाग्रता में अद्भुत सुधार हो रहा है और पढ़ाई उसके लिए बोझ नहीं बल्कि एक मजेदार अनुभव बन गई है।






