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-सीमा कुमारी
इस साल ‘गणेश जयंती’4 फरवरी दिन, शुक्रवार को है। माघ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी को ‘गणेश जयंती’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-उपासना की जाती है। मान्यता है कि, गणेश जी की सच्चे मन से पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और किसी कार्य में बाधा नहीं आती।
‘गणेश जंयती’ गणेश जी की पूजा के लिए बड़ा पवित्र दिन है। इस दिन पूजा के साथ कुछ उपाय करके गणेश जी को प्रसन्न किया जा सकता है। इतना ही नहीं, इन उपायों से प्रसन्न होकर गणेश जी भक्तों पर कृपा बरसाते है। आइए जानें इन उपायों के बारे में.
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, ‘गणेश जयंती’ के दिन जीवन की परेशानियों को दूर करने के लिए हाथी को हरा चारा खिलाएं और गणेश मंदिर जाकर अपनी परेशानियों का निदान करने के लिए प्रार्थना करें। इससे आपके जीवन की परेशानियां कुछ ही दिनों में दूर हो सकती हैं।
धार्मिक मान्यता है कि, सदहृदय से केवल अक्षत और दूर्वा अर्पित करने से भी गणेश जी प्रसन्न हो जाते हैं। इसके लिए पूजा में अक्षत यानी चावल और दूर्वा (घास) जरूर शामिल करें।
इस दिन घर में गणेश यंत्र स्थापित करना शुभ माना गया हैं। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
‘गणेश जयंती’ के दिन गुड़ के लड्डू बनाकर दूर्वा के साथ भोग लगाएं। इससे भी भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं।
‘श्री विनायक चतुर्थी’ पर पीले रंग की गणेश प्रतिमा अपने घर में स्थापित कर श्रीगणेश को हल्दी की पांच गठान इस मंत्र- श्री गणाधिपतये नम: मंत्र का उच्चारण करते हुए चढ़ाएं। इसके बाद 108 दूर्वा पर गीली हल्दी लगाकर ‘श्री गजवकत्रम नमो नम:’ का जाप करके चढ़ाएं।
‘गणेश’जी की कृपा पाने के लिए नियमित रूप से दूर्वा और मोदक भेंट करें। इस बात का ध्यान रखें कि दूर्वा गणेश जी के मस्तक पर अर्पित करें। ऐसा करने से गणेश जी बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।