

New Dating Trend Of Gen-z: आजकल डेटिंग ट्रेंड रोजाना बदलता रहता है और फिर उसे नया नाम दे दिया जाता है। जब लोग किसी को पसंद करते हैं, उसकी इंस्टाग्राम स्टोरी रोज देखते हैं, घंटों चैट करते हैं, बातें भी करते हैं, लेकिन जैसे ही रिश्ता थोड़ा सीरियस होने लगता है, अचानक दूरियां बढ़ने लगती हैं। कभी रिप्लाई देर से आने लगते हैं, कभी स्पेस चाहिए जैसे मैसेज आने लगते हैं, इसी नए डेटिंग ट्रेंड को पफर फिशिंग ट्रेंड कहा जा रहा है।
पफर-फिशिंग का मतलब है, जब कोई इंसान असल में जैसा है, वैसा न दिखाकर खुद को ज्यादा बेहतर, अट्रैक्टिव या कामयाब दिखाने की कोशिश करता है। कई लोग सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप्स पर अपनी बहुत स्टाइलिश तस्वीरें पोस्ट करते हैं। कुछ लोग अपनी जिंदगी को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं, ताकि वे दूसरों को इम्प्रेस कर सकें। इस डेटिंग ट्रेंड का नाम पफरफिश नाम की एक मछली से आया है। पफर फिस को जब भी कोई बाहरी खतरा महसूस होता है, तो वह खुद को फुलाकर असल से कहीं ज्यादा बड़ा दिखाने लगती है। ठीक इसी तरह, कुछ लोग ऑनलाइन दुनिया में खुद को वैसा दिखाने की कोशिश करते हैं, जैसे वे असल में नहीं होते हैं।
शुरुआत में यह सब नॉर्मल लग सकता है, लेकिन बाद में जब सच्चाई सामने आती है, तो इससे रिश्तों में दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। जब दूसरे इंसान की असलियत पता चलती है, तो महसूस होता है कि अब तक जो प्यार या पर्सनैलिटी दिखाई गई, वह सब झूठ थी। इससे भरोसा टूटता है और रिश्ता कमजोर पड़ जाता है। लोग अक्सर अपनी इमेज, नौकरी, आदतों या लाइफस्टाइल को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं। लेकिन सच ज्यादा दिन तक छिप नहीं सकता और यही बात रिश्तों में दूरियां ले आता है, जिससे तनाव बढ़ता है और अंत में रिश्ता टूट भी सकता है।
अब सवाल यह है कि क्या डेटिंग का यह तरीका गलत है, तो हर बार ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार इसके पीछे बचपन के बुरे एक्सपीरियंस, इमोशनल सिक्योरिटी या रिजेक्शन का डर भी हो सकता है। जिन लोगों ने बचपन में इमोशनल सपोर्ट की कमी देखी हो, उनके लिए रिश्तों में वल्नरेबिलिटी अनकंफर्टेबल महसूस हो सकती है। हालांकि, अगर कोई बार-बार बिना बात रिश्ते से भागता है, बात बंद कर देता है या सामने वाले को लगातार एंग्जाइटी में रखता है, तो रिश्ता अनहेल्दी हो सकता है।
लाइफ कोच एक्सपर्ट मानते हैं कि सेल्फ अवेयरनेस, सही और सच्ची बातचीत और थेरेपी की मदद से इस बरताव को बदला जा सकता है। सबसे जरूरी है अपने डर को पहचानना और हर अनकंफर्टेबल इमोशन से भागने के बजाय उसका सामना करना। रिश्तों में स्पेस लेना गलत नहीं होता, लेकिन बिना बताए गायब हो जाना या सामने वाले की भावनाओं को नजरअंदाज करना लंबे समय में रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकता है।