

National Nutrition Week 2026: क्या आपकी रोज की थाली में सिर्फ रोटी, चावल और एक सब्जी होती है? अगर हां, तो अब अपनी प्लेट को थोड़ा रंगीन बनाने का समय है, जिससे आपको भरपूर पोषण मिल सके। राष्ट्रीय पोषण दिवस के मौके पर अपनी थाली को सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत के मुताबिक पोषण से भरपूर प्लेट बनाएं। इस साल पोषण सप्ताह की थीम “Discover the Power of Nutrition” रखी गई है। इसका उद्देश्य लोगों को संतुलित आहार और सही पोषण के प्रति जागरूक करना है।
बता दें कि शरीर को सिर्फ कैलोरी नहीं बल्कि प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, फाइबर, हेल्दी फैट और अमीनो एसिड जैसे दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की भी जरूरत होती है। भारतीय थाली में समय के साथ काफी बदलाव आया है। पहले थाली में दाल, मौसमी सब्जियां, दूध-दही, छाछ, सलाद, चटनी और अलग-अलग अनाज का कॉम्बिनेशन दिखता था। आज पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का कंजप्शन बढ़ा है, हालांकि साथ ही हेल्दी खाने और सीड्स-नट्स को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है।
पालक, मेथी, सरसों का साग, ब्रोकोली, मटर, बीन्स और दूसरी हरी सब्जियां आपकी प्लेट को पोषण से भरती हैं। इनमें फाइबर के साथ कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। हरी सब्जियों को रोज की डाइट में शामिल करने के लिए इन्हें सब्जी, सूप, दाल या सलाद के रूप में खाया जा सकता है।
टमाटर, लाल शिमला मिर्च, तरबूज और अनार जैसे खाद्य पदार्थ प्लेट को लाल रंग देते हैं। इनमें अलग-अलग प्रकार के पौधों से मिलने वाले बायो एक्टिव कंपाउंड और पोषक तत्व पाए जाते हैं। टमाटर को सलाद, सब्जी या चटनी के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।
गाजर, कद्दू, शकरकंद, संतरा और पपीता जैसे पीले-नारंगी रंग के फल और सब्जियां आपकी प्लेट में वेराइटी ऐड करते हैं और सेहत में पोषण। इनमें कैरोटेनॉइड्स जैसे प्लांट बेस्ड कंपाउंड होते हैं। इनका सेवन सलाद, सब्जी, फल या स्नैक के रूप में किया जा सकता है।
चुकंदर, बैंगन, जामुन और बैंगनी पत्तागोभी जैसे खाद्य पदार्थों को भी अपनी डाइट में जगह दें। अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियां खाने से आपको विभिन्न प्रकार के प्लांट न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं। इसलिए हर दिन सिर्फ एक ही तरह की सब्जी खाने के बजाय मौसम के अनुसार रंग और वेराइटी बदलते रहें।
प्याज, लहसुन, फूलगोभी, मशरूम, दाल, साबुत अनाज और दूसरे मिनिमल प्रोसेस्ड फूड भी बैलेंस डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। सिर्फ रंगीन फल-सब्जियां खाना ही पर्याप्त नहीं है। एक अच्छी थाली में सब्जियों और फलों के साथ पर्याप्त प्रोटीन, साबुत अनाज और जरूरत के अनुसार हेल्दी फैट भी शामिल होना चाहिए।
आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि 5 रंगों के फूड का मतलब प्लेट को केवल रंगीन सब्जियों से भर देना नहीं है। एक संपूर्ण आहार में अलग-अलग फूड ग्रुप्स का सही कॉम्बिनेशन होना जरूरी है।
उदाहरण के तौर पर आपकी एक सामान्य भारतीय थाली में दाल/चना/पनीर जैसे प्रोटीन सोर्स, रोटी या चावल जैसे अनाज, हरी या दूसरी सब्जी, सलाद/फल और दही शामिल किए जा सकते हैं। जरूरत, व्यक्ति की उम्र, गतिविधि, स्वास्थ्य स्थिति तथा डाइटरी टॉलरेंस के अनुसार मात्रा अलग हो सकती है।
90 के दशक में भारतीय घरों की थाली में गेहूं और चावल के साथ दाल, मौसमी सब्जियां, दूध-दही, छाछ, सलाद, चटनी और पारंपरिक खाद्य पदार्थ आम होते थे। समय के साथ अर्बनाइजेशन, बदलती लाइफस्टाइल, इनकम, बाजार में पैकेज्ड फूड की उपलब्धता और समय की कमी ने खाने की आदतों को प्रभावित किया।
एक ही तरह का खाना रोज खाने के बजाय वेराइटी पर ध्यान दें। अपनी प्लेट में अलग-अलग रंग के फल-सब्जियां शामिल करें, साथ में प्रोटीन, साबुत अनाज औऱ डेयरी प्रोडक्ट को जरूर शामिल करें। हेल्दी प्लेट महंगा नहीं, संतुलित होना चाहिए।