मकर संक्रांति का त्योहार सिर्फ पतंगबाजी तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्वाद और सेहत का एक अनोखा संगम भी है। इस मौसम में तिल और गुड़ का सेवन शरीर को जरूरी गर्माहट और ऊर्जा प्रदान करता है। अगर आप भी इस संक्रांति अपने घर पर कुछ खास बनाने की योजना बना रहे हैं तो इन 7 व्यंजनों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें।
तिल के लड्डू: संक्रांति की बात हो और तिल के लड्डू का जिक्र न हो यह मुमकिन नहीं। काले या सफेद तिल को गुड़ के साथ मिलाकर बनाए गए ये लड्डू न केवल धार्मिक रूप से शुभ माने जाते हैं बल्कि सर्दियों में हड्डियों को मजबूती भी देते हैं।
दही-चूड़ा: बिहार और उत्तर प्रदेश में संक्रांति की शुरुआत दही-चूड़ा और गुड़ के साथ की जाती है। यह एक हल्का और सुपाच्य नाश्ता है जो पाचन तंत्र के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
मसाला खिचड़ी: चावल, मूंग दाल और ताजी सब्जियों से बनी खिचड़ी इस त्यौहार का मुख्य भोजन है। घी और अचार के साथ परोसी गई खिचड़ी को 'अक्षय पुण्य' देने वाला माना जाता है।
मूंगफली की चिक्की: सर्दियों का सबसे लोकप्रिय स्नैक चिक्की संक्रांति पर विशेष रूप से खाई जाती है। गुड़ और मूंगफली का यह मेल शरीर को प्रोटीन और गर्मी देता है।
घेवर और मालपुआ: राजस्थान और आसपास के इलाकों में संक्रांति पर मीठा बनाने की परंपरा है। रबड़ी के साथ परोसे गए गरमा गरम मालपुआ त्यौहार की मिठास को दोगुना कर देते हैं।
तिल की पट्टी या गज़क: कुरकुरी तिल की पट्टी या गुड़ की गज़क बच्चों से लेकर बड़ों तक सबकी पसंदीदा होती है। यह आयरन का एक बेहतरीन स्रोत है।
पोंगल डिश: दक्षिण भारत में इस दिन गुड़, दूध और नए चावल को मिलाकर शक्कर पोंगल बनाया जाता है। इसे मिट्टी के नए बर्तन में पकाने की परंपरा है जो समृद्धि का प्रतीक है।