सर्दियों में जोड़ों की अकड़न और मांसपेशियों में खिंचाव को दूर करेगा ये तेल, बस 10 मिनट करें मालिश
Ayurvedic Oil for Joints Pain: आयुर्वेद में महानारायणी तेल के फायदों के बारे में बताया गया है जिसकी मालिश करने से हड्डियों और मांसपेशियों को बहुत आराम मिलता है। इस तेल को नियमित रूप से करें।
- Written By: दीपिका पाल
हड्डियों और जोड़ों के लिए महानाराय़णी तेल (सौ.सोशल मीडिया)
Ayurvedic Oil for Joints Pain: सर्दियों के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव होने के कारण ठंड का असर नजर आने लगता है। सर्द हवाओं का असर शरीर पर पड़ता है जिससे जोड़ों और हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों का कमजोर होना बना रहता है। हड्डियों में दर्द के अलावा मांसपेशियों में खिंचाव की स्थिति भी बनती है। सर्दी-जुखाम और कफ और वात से जुड़ी परेशानियां शुरू हो जाती हैं।
इन समस्याओं पर राहत के लिए आयुर्वेद में कई गुणकारी तेल का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में महानारायणी तेल के फायदों के बारे में बताया गया है जिसकी मालिश करने से हड्डियों और मांसपेशियों को बहुत आराम मिलता है।
इस वजह से हड्डियों में होता है दर्द
यहां पर आयुर्वेद में कहा गया है कि, सर्दी में अधिकतर हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होता है। जब शरीर में कफ और वात दोनों ही बढ़ने लगते हैं, तो हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़े रोग परेशान करने लगते हैं। ऐसे में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और दर्द के साथ जोड़ों से चटकने की आवाज भी आने लगती है। ऐसे में महानारायण तेल हड्डी, त्वचा और लिगामेंट का खास ख्याल रखता है और जोड़ों को मजबूत भी करता है। इन प्रकार के दर्द से राहत के लिए महानारायण तेल का इस्तेमाल कर सकते है।
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चरक संहिता में शामिल है महानारायण तेल
यहां पर आपको बताते चलें, महानारायण तेल के बारे में अष्टांग हृदय और चरक संहिता में बताया गया है। इस तेल को बनाने में 50 से अधिक जड़ी बूटियों का इस्तेमाल होता है, लेकिन कुछ मुख्य जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करके घर पर भी इस तेल को बनाया जा सकता है। इसमें जैतून के तेल या तिल के तेल का इस्तेमाल होता है और फिर इसमें हल्दी, कपूर, अश्वगंधा, दशमूल, हरीतकी, आंवला, बिभीतकी, दूर्वा, मंजिष्ठा, आंक के फूल और शतावरी जड़ी-बूटियां डालकर पकाया जाता है। बाजार में ये तेल बना बनाया भी मिलता है।
जोड़ों के दर्द और घुटने के लिए आप दर्द होने पर तेल को हल्का गुनगुना करके रोजाना 10 मिनट मालिश करें। ऐसा करने से आराम तो मिलता है, साथ ही रक्त संचार बढ़ेगा, सूजन में कमी होगी और दर्द से भी आराम मिलेगा।
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खुजली और रूखापन के लिए
अगर सर्दियों के तापमान में आपको खुजली और रूखापन के लिए आप इस आयुर्वेदिक तेल का इस्तेमाल कर सकते है। नहाने से पहले इस तेल से पूरे शरीर की मालिश करें और 20 मिनट बाद नहाने के लिए जाएं। इससे त्वचा का संक्रमण कम होगा और खुजली में भी आराम होगा। लकवा जैसी बीमारियों और शरीर की कमजोरी में भी महानारायण तेल फायदेमंद है। इसके लिए शरीर पर हल्का गुनगुना तेल लगाकर कुछ देर धूप में बैठें और फिर गुनगुने पानी से ही नहाएं। इससे नसें मजबूत होती हैं और जोड़ों के लिगामेंट को आराम मिलता है।
इसके साथ ही इसे पीठ दर्द, गर्दन दर्द, और नन्हे शिशु की मालिश के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखने वाली बात ये है कि तेल को लगाने के बाद पंखे की हवा से दूर रहें और किसी तरह का ठंडा खाने से भी परहेज करें। ऐसा करने से सर्द-गर्म होने की संभावना बनी रहती है।
आईएएनएस के अनुसार
