जगन्नाथ मंदिर का रहस्य (सौ.सोशल मीडिया)
जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा ओडिशा के पुरी शहर में मनाया जाने वाला एक वार्षिक त्योहार है। इसका एक समृद्ध इतिहास है जो सदियों पुराना है। माना जाता है कि इस त्योहार की उत्पत्ति तब हुई जब भगवान जगन्नाथ की बहन, देवी सुभद्रा ने पुरी जाने की इच्छा व्यक्त की। उनकी इच्छा पूरी करने के लिए, भगवान जगन्नाथ, अपने भाई भगवान बलभद्र के साथ पुरी के लिए रथ यात्रा पर निकल पड़े। तब से, रथ यात्रा हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल मनाई जाती है।
जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा हिंदू पौराणिक कथाओं और संस्कृति में बहुत महत्व रखती है। यह भगवान जगन्नाथ को समर्पित है, जिन्हें ब्रह्मांड का भगवान और भगवान कृष्ण का एक रूप माना जाता है। यह त्योहार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की उनके मुख्य मंदिर, जिसे जगन्नाथ मंदिर के रूप में जाना जाता है, से गुंडिचा मंदिर तक की यात्रा का प्रतीक है।
1- विशेष रूप से डिजाइन किए गए रथों में देवताओं की यात्रा, जिसे रथ कहा जाता है, जो हजारों भक्तों को आकर्षित करता है। ऐसा माना जाता है कि रथ यात्रा में भाग लेने और रथों को खींचने से किसी के पाप माफ़ हो जाते हैं और आशीर्वाद मिलता है। त्योहार भक्तों के बीच भक्ति, एकता और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देता है।
2- हर साल की इस बार भी ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आयोजित की जाएगी, जो देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। इस पवित्र यात्रा में भाग लेने वाले भक्तों का मानना है कि भगवान जगन्नाथ उनके सभी दुख-दर्द हर लेते हैं।
3- इसी कड़ी में देश की राजधानी दिल्ली के हौज खास स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से भी हर साल की तरह इस साल भी बड़ी धूमधाम के साथ रथ यात्रा निकाली जाएगी। इस बार रथ यात्रा की शुरुआत रविवार 7 जुलाई से हो रही हैं।
4- भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियों को लेकर हौज खास स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर प्रशासन पूरी तरह से लगा हुआ हैं। हौज खास इलाके स्थित यह मंदिर जगन्नाथ पुरी के मंदिर की तर्ज पर ही बनाया गया हैं। ये अपनी भव्यता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता हैं। इस बार जगन्नाथ रथयात्रा रविवार के दिन होने वाली हैं। रविवार होने के चलते आयोजकों का मानना है कि इस बार रथ यात्रा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं।
5-जानकारों के अनुसार, रथ यात्रा को लेकर इस बार तैयारियां थोड़ी अधिक की जा रही है क्योंकि इस बार काफी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। दिल्ली पुलिस और अर्ध सैनिक बलों की तैनाती भी बड़ी संख्या में की जाएगी। ताकि, रथ यात्रा में कोई खलल न पड़ सके। हौज खास स्थित जगन्नाथ मंदिर के सेक्रेटरी रवि प्रधान ने बताया कि 7 जुलाई को होने जा रही रथ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन से तमाम परमिशन ले ली गई है।
6- उन्होंने बताया कि रथ यात्रा को देखते हुए 500 से अधिक वॉलिंटियर को लगाया गया है सुरक्षा को देखते हुए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरा मंदिर के आसपास में लगाए गए हैं। इस बार मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत होंगे। उनके साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के भी आने की उम्मीद है।
7- पुरी के अलावा, अन्य शहरों में भी जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली जाती है, जो श्रद्धालुओं को अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है। इस साल, पुरी में रथ यात्रा की तिथि जानने के लिए श्रद्धालुओं की उत्सुकता बढ़ गई है। यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। रथ यात्रा के दौरान शहर में मेले का माहौल होता है, जिसमें संगीत, नृत्य और विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो इस उत्सव को और भी विशेष बनाते हैं।