Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

जानिए हनुमान जी और शनिदेव के बीच मल्लयुद्ध की कथा, और जानें क्यों चढ़ाते हैं शनिदेव को शनिवार के दिन सरसों का तेल

  • By navabharat
Updated On: Dec 17, 2022 | 07:00 AM
Follow Us
Close
Follow Us:

-सीमा कुमारी

दंड और न्याय के देवता ‘शनिदेव’ (Shani Dev) को समर्पित शनिवार का दिन हिन्दू श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। इनकी क्रूर दृष्टि से सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि देवता भी डरते है। लोगों के अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब शनिदेव ही रखते हैं।

शनिवार के दिन शनिदेव के मंदिरों में उन्हें सरसों का तेल अर्पित किया जाता है, जिसके कारण उनकी मूर्ति तेल में डूब जाती है। इस दौरान लोग सरसों के तेल का ही दीपक भी जलाते है। ऐसे में आपके दिमाग में भी ये सवाल तो आता ही होगा कि शनिदेव को आखिर सरसों का तेल इतना पसंद क्यों है? दरअसल इससे जुड़ी पौराणिक कथा है,  आइए जानिए इस कथा के बारे में –

सम्बंधित ख़बरें

न डिजिटल, न शिक्षक-आदिवासी बच्चों का भविष्य अधर में; नासिक की आश्रमशालाओं में 580 पद खाली

दौसा में आधी रात हाई वोल्टेज ड्रामा! कोतवाली के बाहर बिजली के खंभे पर चढ़ा युवक, पुलिस के छूटे पसीने

बांग्लादेश में चुनावी खूनी खेल: ढाका में BNP नेता की गोली मारकर हत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Mahayuti में तकरार के संकेत? बावनकुले की अजित पवार को सार्वजनिक नसीहत

पौराणिक कथा

रामायण काल के दौरान शनि देव को अपने बल और पराक्रम पर घमंड हो गया था। उस समय हनुमान जी के भी पराक्रम की कीर्ति चारों दिशाओं में फैली हुई थी। जब शनिदेव को हनुमान जी के बल का पता चला, तो वे भगवान हनुमान से युद्ध करने के लिए निकल पड़े। जब शनि हनुमान जी के पास पहुंचे तो देखा कि भगवान हनुमान तो एक शांत स्थान पर अपने स्वामी श्री राम की भक्ति में लीन बैठे है।

ये देख शनिदेव ने उन्हें युद्ध के लिए ललकारा। जब हनुमान जी ने शनिदेव की युद्ध की ललकार सुनी, तो उन्होंने शनि को समझाकर युद्ध न करने के लिए कहा। लेकिन वे युद्ध पर अड़ गए।  इसके बाद हनुमान जी शनिदेव के साथ युद्ध के लिए तैयार हो गए और दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ।

इस युद्ध में शनिदेव भगवान हनुमान से बुरी तरह हार गए। हनुमान जी के प्रहारों से उनके पूरे शरीर में चोटें आ गईं और वे दर्द से परेशान हो गए। इसके बाद हनुमान जी ने उनके शरीर पर सरसों का तेल लगाया, जिससे उनकी परेशानी दूर हुई। इसके बाद शनिदेव ने कहा कि आज के बाद जो भी मुझे सच्चे मन से सरसों का तेल चढ़ाएगा, उसको शनि संबन्धी तमाम कष्टों से मुक्ति मिलेगी। तब से शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई।

माना जाता है कि शनिवार के दिन जो भक्त शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाते हैं, उन पर शनिदेव विशेष कृपा बरसाते हैं। उन लोगों के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। शनि ढैय्या, साढ़ेसाती और शनि महादशा का प्रभाव कम हो जाता है।

Know the story of wrestling between hanuman ji and shani dev know why mustard oil is offered to shani dev on saturday

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Dec 17, 2022 | 07:00 AM

Topics:  

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.