

10 दिसंबर 1948 को UDHR को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया था। इस घोषणा ने दुनिया के हर देश को यह संदेश दिया कि मानवाधिकार सिर्फ कानूनों तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि इन्हें हर स्तर पर लागू किया जाना चाहिए।
थीम का संदेश स्पष्ट है कि इन सेवाओं की उपलब्धता ही किसी व्यक्ति की जीवन गुणवत्ता को निर्धारित करती है। इसलिए मानवाधिकारों को सुनिश्चित करना, वास्तव में समाज की इन बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है।
NHRC के अनुसार इस वर्ष की थीम भारत की विकास नीतियों के साथ पूरी तरह जुड़ी है। स्वच्छ भारत मिशन से लेकर आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, पीएम आवास योजना से लेकर जनधन योजना जैसे कार्यक्रम इस बात का प्रमाण हैं कि भारत ने मानवाधिकार को रोजमर्रा की सेवाओं से जोड़कर आम लोगों तक पहुंचाना है।