

खराब चार्जर, केबल, ईयरफोन और छोटे गैजेट भी ई-वेस्ट हैं।
पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को ऑफिशियल कलेक्शन सेंटर या रीसाइक्लर को दें।
मोबाइल और लैपटॉप रीसाइकिल कराने से पहले निजी डेटा मिटाना न भूलें।
E-Waste Recycling In India: हर साल 14 अक्टूबर को इंटरनेशनल ई-वेस्ट डे मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2018 में WEEE Forum ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के बारे में जागरूकता फैलाने से की थी।
इस साल की थीम Fast Tech है। इसका फोकस उन छोटे और सस्ते इलेक्ट्रॉनिक सामान पर है, जिन्हें लोग आसानी से खरीद लेते हैं और खराब होने या नया मॉडल खरीदने पर वो घर के किसी कोने में पड़ा होता है। इनमें चार्जिंग केबल, यूएसबी अडैप्टर, ईयरफोन, छोटे इलेक्ट्रॉनिक खिलौने, आयरन और मिनी गैजेट शामिल हैं।
अपने शहर में ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर के बारे में पता करें और वहां जाकर जमा कराएं। Clean to Green की वेबसाइट पर राज्य या शहर के हिसाब से कलेक्शन सेंटर खोजने और कुछ जगहों पर घर से सामान उठवाने का भी विकल्प मौजूद है।
वेबसाइट: https://cleantogreen.in/collection-centres/
कई कंपनियां पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को वापस लेने या रीसाइकिल कराने की सुविधा देती हैं। उदाहरण के लिए, Samsung India ऐसी सुविधा देती है। उनके ई-वेस्ट वेबसाइट पर कलेक्शन सेंटर खोजने का विकल्प मौजूद है। कंपनी अपने कार्यक्रम के तहत भारत में बेचे जाने वाले उत्पादों को रीसाइकिल करने की सुविधा देती है।
भारत में ई-वेस्ट मैनेजमेंट के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का पोर्टल भी पुराने इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की रीसाइकलिंग करता है। यहां ई-वेस्ट से जुड़े नियमों और रजिस्ट्रेशन व रीसाइक्लिंग व्यवस्था की जानकारी मिलती है।
आधिकारिक पोर्टल: https://eprewaste.cpcb.gov.in/
पुराना डिवाइस देने से पहले केवल उसे बंद कर देना पर्याप्त नहीं है। उसमें मौजूद निजी जानकारी की सुरक्षा भी जरूरी है।
डेटा का बैकअप लें: जरूरी फोटो, कॉन्टैक्ट, डॉक्यूमेंट्स और दूसरी फाइलें सुरक्षित जगह कॉपी कर लें।
अकाउंट हटाएं: डिवाइस से गूगल, एप्पल या दूसरे जुड़े अकाउंट हटाएं और जरूरत के अनुसार लॉगआउट करें।
फैक्टरी रीसेट करें: फोन या लैपटॉप में उपलब्ध सुरक्षित रीसेट प्रक्रिया से निजी डेटा मिटाएं।
सिम और मेमोरी कार्ड निकालें: सामान सौंपने से पहले जांच लें कि कोई कार्ड डिवाइस में न छूट जाए।
बाहरी स्टोरेज जांचें: पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड या दूसरी स्टोरेज डिवाइस भी साथ में देने से पहले उनका डेटा सुरक्षित कर लें।
छोटे इलेक्ट्रॉनिक सामान को अक्सर लोग ई-वेस्ट मानते ही नहीं हैं। लेकिन जिन चीजों में प्लग, केबल, बैटरी या इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होते हैं, उन्हें खराब होने पर सामान्य कचरे की बजाए इलेक्ट्रॉनिक ई-वेस्ट में ही डाला जाना चाहिए।
पुराने ईयरफोन, यूएसबी अडैप्टर, पावर बैंक और छोटे गैजेट के लिए भी संबंधित केंद्र से पूछें।
टूटे चार्जर और खराब केबल को अलग रखकर ई-वेस्ट सेंटर पर जमा करें।
खराब या फूली हुई बैटरी को दबाएं, छेदें या खुद खोलने की कोशिश न करें। उसे सामान्य कूड़े में न डालें और सुरक्षित तरीके से जमा कराएं।
इलेक्ट्रॉनिक सामान को जलाकर या घर पर खोलकर धातु निकालने की कोशिश न करें।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में अलग-अलग तरह की धातुएं, प्लास्टिक, सर्किट और कभी-कभी खतरनाक पदार्थ होते हैं। इन्हें गलत तरीके से तोड़ने, जलाने या खुले में फेंकने से पर्यावरण के साथ-साथ सेहत को भी भारी नुकसान हो सकता है। रीसाइकलिंग से इस तरह की चीजें दोबारा इस्तेमाल में आ सकती हैं।