Indian Army Day: आजादी के बाद भी अंग्रेजों के पास थी भारतीय सेना! जानें 15 जनवरी की वो ऐतिहासिक घटना
National Army Day History: 15 अगस्त 1947 को देश आजाद तो हुआ लेकिन भारतीय सेना की कमान फिर भी अंग्रेजों के पास थी। जानें 15 जनवरी की वो घटना जब भारत को मिला अपना पहला भारतीय कमांडर।
- Written By: प्रीति शर्मा
नेशनल आर्मी डे की प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. एआई)
Facts About Indian Army Day: हर साल 15 जनवरी को हम भारतीय सेना दिवस मनाते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह तारीख इतनी महत्वपूर्ण क्यों है। यह वही दिन है जब भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास में एक नए युग की शुरुआत हुई और सेना की बागडोर पूरी तरह से भारतीयों के हाथों में आई।
आज पूरा देश 78वां भारतीय सेना दिवस (Indian Army Day 2026) मना रहा है। यह दिन उन वीर जवानों के त्याग और बलिदान को याद करने का है जो सीमाओं पर मुस्तैद रहकर हमारी रक्षा करते हैं। लेकिन 15 जनवरी की तारीख का महत्व सिर्फ परेड और पदकों तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत की सैन्य आजादी का दिन है।
आजादी के बाद भी क्यों अंग्रेज थे चीफ
15 अगस्त 1947 को भारत को राजनीतिक आजादी मिल गई थी लेकिन प्रशासनिक और सैन्य ढांचे में बदलाव रातों-रात नहीं हुआ। अगले करीब डेढ़ साल तक भारतीय सेना की कमान ब्रिटिश अधिकारियों के हाथ में ही रही। जनरल सर रॉय बुचर (General Sir Roy Bucher) भारतीय सेना के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ थे। भारत एक संप्रभु राष्ट्र था लेकिन उसकी सेना का नेतृत्व अब भी एक अंग्रेज कर रहा था।
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15 जनवरी 1949 का इतिहास
15 जनवरी 1949 को वह ऐतिहासिक पल आया जिसकी प्रतीक्षा हर भारतीय सैनिक कर रहा था। इसी दिन लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. करियप्पा (जो बाद में फील्ड मार्शल बने) ने जनरल रॉय बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली। करियप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने। इस घटना ने आधिकारिक रूप से यह संदेश दिया कि अब भारतीय सेना अपनी रक्षा करने और निर्णय लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र और सक्षम है।
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फील्ड मार्शल करियप्पा का योगदान
फील्ड मार्शल करियप्पा जिन्हें प्यार से कीपर कहा जाता था ने भारतीय सेना को आधुनिक और अनुशासित बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने नारा दिया था कि एक सैनिक कभी भी राजनीति में नहीं पड़ता। उनके नेतृत्व में ही सेना ने 1947 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया था।
क्यों मनाया जाता है सेना दिवस?
यह दिन फील्ड मार्शल करियप्पा के सम्मान में और भारतीय सैनिकों की वीरता को नमन करने के लिए मनाया जाता है। 2026 में भारतीय सेना और अधिक आधुनिक और मेक इन इंडिया हथियारों के साथ लैस होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रही है। आज के दिन दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में भव्य परेड का आयोजन होता है जहां जांबाज सैनिक अपनी ताकत और शौर्य की झलक दिखाते हैं।
