कुंडली में अगर है केतु दोष, शनि दोष या पितृदोष, इन विधि से नीम का पेड़ दिलाएगा मुक्ति
- Written By: नवभारत डेस्क
सीमा कुमारी
ये तो सभी जानते हैं कि नीम एक औषधीय पौधा है। इसका औषधीय गुणों से भरपूर होने के साथ-साथ धार्मिक महत्व भी बहुत अधिक है। ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, नीम का संबंध मंगल ग्रह के अलावा शनि और केतु ग्रह से भी है। इसलिए अगर घर के बाहर नीम का पौधा लगाना चाहते हैं, तो हमेशा दक्षिण दिशा की ओर ही लगाना चाहिए। इसके अलावा ज्योतिष-शास्त्र में नीम की लकड़ी का भी महत्व है। आइए जानिए नीम से जुड़े विशेष उपाय के बारे में –
ज्योतिष-शास्त्र के मुताबिक, नीम की लकड़ियों से हवन करने से शनि ग्रह शांत होता है। इसलिए हो सके तो सप्ताह में एक बार हवन में नीम की लकड़ी का इस्तेमाल जरूर करें।
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नीम की पूजा करने से भगवान हनुमान भी जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए रोजाना जल जरूर अर्पित करें।
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृदोष हैं तो वह घर के दक्षिण या वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) में नीम का पेड़ जरूर लगवाएं। ऐसे करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलने के साथ पितरों का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है।
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की महादशा चल रही है, तो नीम की लकड़ी के माला बनाकर पहन लें। इससे शनि का अशुभ प्रभाव भी कम हो जाएगा और शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
कुंडली में केतु ग्रह को शांत करने के लिए नीम की पत्तियों का रस निकालकर नहाने वाले जल में मिलाकर स्नान कर लें। ऐसा करने से आपको हर समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा।
