कजाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा: भारत सरकार की नकली वेबसाइट चलाकर कर रहे थे फर्जीवाड़ा, देखें VIDEO
Kanpur Cyber Crime: कानपुर पुलिस ने फर्जी सरकारी वेबसाइट चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। कजाकिस्तान के नंबर से होता था संचालन, एक क्लिक में बनते थे जाली आधार और पैन कार्ड। तीन गिरफ्तार।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Kanpur Cyber Crime Fake Government Website: उत्तर प्रदेश के कानपुर से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने भारत सरकार की फर्जी वेबसाइट चलाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी और उनकी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मास्टरमाइंड – तेजस पाल, नीतीश कुमार और अनुराग को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इंटरनेट पर हूबहू सरकारी जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें तैयार करता था और कजाकिस्तान के वर्चुअल फोन नंबरों का इस्तेमाल करके उन्हें संचालित करता था, ताकि सुरक्षा एजेंसियां उन तक न पहुँच सकें।
इस गिरोह का पोर्टल इतना उन्नत था कि एक क्लिक पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास और जाति प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज तैयार कर दिए जाते थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और नाम की जाली मोहरें बरामद की हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता को सचेत किया है कि सरकारी सेवाओं के लिए केवल आधिकारिक पोर्टलों का ही उपयोग करें, क्योंकि ये अपराधी सरकारी डेटा में घुसपैठ कर देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे थे।
Kanpur Cyber Crime Fake Government Website: उत्तर प्रदेश के कानपुर से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने भारत सरकार की फर्जी वेबसाइट चलाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी और उनकी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मास्टरमाइंड – तेजस पाल, नीतीश कुमार और अनुराग को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इंटरनेट पर हूबहू सरकारी जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें तैयार करता था और कजाकिस्तान के वर्चुअल फोन नंबरों का इस्तेमाल करके उन्हें संचालित करता था, ताकि सुरक्षा एजेंसियां उन तक न पहुँच सकें।
इस गिरोह का पोर्टल इतना उन्नत था कि एक क्लिक पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास और जाति प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज तैयार कर दिए जाते थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और नाम की जाली मोहरें बरामद की हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता को सचेत किया है कि सरकारी सेवाओं के लिए केवल आधिकारिक पोर्टलों का ही उपयोग करें, क्योंकि ये अपराधी सरकारी डेटा में घुसपैठ कर देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे थे।
