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सीमा कुमारी
नई दिल्ली: आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में हर व्यक्ति एक साथ कई काम करता है। एक तरफ परिवार की जिम्मेदारी तो दूसरी तरफ, ऑफिस का स्ट्रेस किसी भी व्यक्ति के सब्र का बांध तोड़ सकता है। ऐसे में छोटी-छोटी बात पर भी इंसान गुस्सा होने लगता है। किसी बात पर गुस्सा आ जाना एक सामान्य बात है। मन की इस भावनात्मक स्थिति से कुछ लोग जल्दी बाहर आ जाते हैं, तो कुछ घंटों इसका चिंतन करते हैं। क्रोध से भर जाने के कारण शरीर में कई साइकोलॉजिकल और बायोलॉजिकल बदलाव आने लगते हैं। तेज़ गुस्सा (Anger Management )आने के चलते हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। शरीर में बेचैनी महसूस होती है। इसके चलते शरीर में एनर्जी हार्मोन, एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन का स्तर भी बढ़ जाता है। तो ऐसे में आइए जानें उन उपायों को जिसे अपनाकर आप भी कंट्रोल कर सकती हैं अपना गुस्सा
एक्सपर्ट्स की मानें तो गुस्सा आ रहा है तो आप ठंडे पानी से अपना मुंह धो लें। विज्ञान में ड्राइविंग रिफ्लेक्स नाम की एक प्रक्रिया है जिसके हिसाब से ठंडे पानी के कटोरे में मुंह डाल कर कुछ सेकंड के लिए रखते हैं और सांस फूलने से पहले मुंह बाहर निकाल देते हैं। इस दौरान शरीर का नर्वस सिस्टम दिमाग को ऐसे व्यस्त रखता है कि गुस्से में हुई तेज हृदय गति संयमित होने लगती है। ठंडा पानी पीने से भी गुस्सा शांत होता है।
अगर आप किसी से नाराज़ है, तो उसे कुछ भी कहने से पहले एक बार ज़रूर सोच लें। इस बात को समझें कि आपके कुछ कहने से दूसरे व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ेगा। क्या इससे आपके रिश्ते बिखर सकते हैं। इसके लिए खुद को 10 से 15 सेकण्ड के लिए शांत कर लें और धैर्य बनाए रखें। कुछ देर विचार करने के बाद जब गुस्सा शांत हो जाए, तब आप ज़रूर अपनी बात को जाहिर करें। इससे दूसरे व्यक्ति को अपनी गलती का पछतावा अवश्य होगा।
जब ऐसा लगे कि गुस्सा अब नियंत्रण से बाहर जा रहा है, तो तुरंत अपनी आंखें बंद करें और लंबी गहरी सांसें लें। गुस्से में दिमाग को ये सिग्नल मिलते हैं कि शरीर किसी मुसीबत में है और सांस लेने से दिमाग को ये सिग्नल मिलते हैं कि सब ठीक है और इंसान सुरक्षित महसूस करने लगता है।
तनाव भरे थके हुए शरीर से कभी भी सामान्य व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। क्योंकि जब शरीर पूरी तरह से आराम करता है और तनाव मुक्त रहता है तभी स्वस्थ रह सकता है। इसलिए जब अधिक गुस्सा लगे तो मन को शांत करके सोने की कोशिश करें और पर्याप्त नींद लें। नींद न आने की स्थिति में काउंसलर से मिलें।
अपने आप को अत्यधिक क्रोध से बचाने के लिए खुद को किसी काम में बिजी कर लें। इससे आपका दिमाग अपने आप अन्य कामों में व्यस्त रहने लगता है। इससे आस पास होने वाली छोटी छोटी बातें आपको प्रभावित नहीं कर पाती है। ऐसे में अपने आप को एगेंज रखने से आप बहुत सी चिंताओं से मुक्त रहते हैं।
सप्ताह के अंत में कुछ वक्त घूमने फिरने के लिए अवश्य निकालें। इससे आप खुद को फ्रैश फील करने लगते हैं। परिवार, दोस्तों या कलीग्स के साथ कुछ वक्त बाहर बिताएं और एजॉय करें। इससे आपके शरीर में हैप्पी हार्मोंस रिलीज़ होने लगते हैं।






