कितने दिन और कितनी बार में बदलनी चाहिए बिस्तर की चादरें? जानिए एक्सपर्ट की सलाह और बड़ी गलतियां

Bed Sheet Hygiene: बिस्तर की चादरें और तकिए के कवर कितने दिन में बदलने चाहिए? जानिए एक्सपर्ट की सलाह, आम गलतियां और बेडशीट धोने का सही तरीका सेहत और अच्छी नींद के लिए जरूरी होता है।
कितने बार बिस्तर की चादरें बदलनी चाहिए
बिस्तर की चादरें (सौ. सोशल मीडिया)
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Bed Sheet Cleaning Tips: जिस तरह से सेहतमंद रहने के लिए शरीर की सफाई या देखभाल करना जरूरी होता है उस तरह ही घर और कमरे की सफाई करना भी जरूरी होता है। अक्सर ऐसा होता है कि, लोग घर की सफाई पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन बिस्तर की चादरें और तकिए के कवर कितनी बार बदले जाने चाहिए, इस पर ध्यान नहीं देते हैं। बिस्तर,जिस पर हम सोते है उसे साफ रखने की जिम्मेदारी होती है। जबकि हम दिन का बड़ा हिस्सा बिस्तर पर बिताते हैं, ऐसे में इसकी साफ-सफाई सीधे हमारी त्वचा, सांस और नींद की गुणवत्ता से जुड़ी होती है।

अगर समय पर चादरें और तकिए के कवर न बदले जाएं, तो यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकते हैं। यहां पर चादर को साफ करना समय-समय पर जरूरी होता है।

गंदी चादरों पर है तो बैक्टीरिया

हम बिस्तर की चादरों को बार-बार नहीं बदलते है जो गंदी हो जाती है। इन बिस्तर की चादरों पर रोज पसीना, त्वचा के मृत कण, धूल और बैक्टीरिया जमा होते रहते हैं। यही नहीं, इनमें लाखों की संख्या में कीटाणु पनप सकते हैं। गंदी चादरों पर सोने से त्वचा में खुजली, एलर्जी, मुंहासे, रैशेज, सांस लेने में परेशानी और नींद की क्वालिटी खराब होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए चादरों और तकियों की सफाई को हल्के में लेना सही नहीं है। चादरों को कब बदलना चाहिए इसके लिए एक्सपर्ट सलाह देते है।0

कितनी बार बदलनी चाहिए बिस्तर की चादरें?

इसे लेकर हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, सामान्य तौर पर बिस्तर की चादरें और तकिए के कवर सप्ताह में एक बार जरूर बदलने चाहिए। यह आदत आपकी त्वचा और सेहत के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है। इसके पीछे कई जरूरी कारण भी होते है जो बिस्तर की चादरों को बदलने की बात करते है। अगर आपको ज्यादा पसीना आता है, त्वचा संबंधी कोई समस्या है, एलर्जी रहती है या आपके पालतू जानवर बिस्तर पर आते हैं, तो हर 3 से 4 दिन में चादरें बदलना सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा, जब आप बीमार हों, बुखार, सर्दी या खांसी से पीड़ित हों, तब चादरें और तकिए के कवर जल्दी-जल्दी बदलना जरूरी हो जाता है ताकि संक्रमण का खतरा कम रहे।

90% लोग कौन सी बड़ी गलती करते हैं?

अधिकतर लोग बिस्तर की चादरों को लेकर कुछ आम लेकिन नुकसानदेह गलतियां करते हैं। जैसे 15–20 दिन या कभी-कभी पूरे एक महीने तक चादरें न बदलना, केवल झाड़कर या धूप में सुखाकर दोबारा इस्तेमाल कर लेना, तकिए के कवर समय पर न बदलना, या तब तक चादरें न धोना जब तक उनमें बदबू न आने लगे या दाग न दिखें। ये आदतें सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।

बेडशीट धोने का सही तरीका

सिर्फ चादरें बदलना ही काफी नहीं है, उन्हें सही तरीके से धोना भी उतना ही जरूरी है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अगर संभव हो, तो बेडशीट और तकिए के कवर गर्म पानी में धोएं, इससे कीटाणु मर जाते हैं। हल्के और स्किन-फ्रेंडली डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें। धोने के बाद चादरों को अच्छी तरह सुखाना बहुत जरूरी है, गीली या अधसूखी चादरों का इस्तेमाल न करें। धूप में सुखाने से प्राकृतिक रूप से बैक्टीरिया और कीटाणु कम हो जाते हैं।

कुल मिलाकर, बिस्तर की साफ-सफाई को अपनी हेल्थ रूटीन का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। समय पर चादरें बदलने और सही तरीके से धोने की आदत आपको कई बीमारियों से बचा सकती है और बेहतर नींद में भी मददगार साबित होती है।

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