

Easy Jowar Vada Recipe: बदलते मौसम में हेल्दी चीजें खानी चाहिए, ताकि हमारा शरीर भी बदलते मौसम के साथ तालमेल बिठा सके। हालांकि जब बात टेस्ट की आती है, तो कई बार लोग हेल्थ को अनदेखा कर देते हैं।
लेकिन इस रेसिपी में स्वाद और सेहत दोनों है। जिसे बड़े ही आसानी से घर पर बनाकर खाया जा सकता है। आइए जानते हैं रेसिपी।
इस चटपटे ज्वार बड़ा को बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में बेसन, ज्वार का आटा, दही व नमक मिला लें। अब इस में लहसुन, अदरक व हरी मिर्च का पेस्ट ऐड करेंगे। अब बारीक कटा पालक और 1/2 कप पानी आटे में अच्छी तरह मिला कर मिक्स कर लें। अब तैयार मिक्सचर से छोटे-छोटे वड़े बना कर कड़ाही में गर्म तेल में तल लें। तैयार बड़ों को हरी चटनी या सॉस के साथ परोसें।
ज्वार फाइबर का एक बड़ा स्रोत है। फाइबर पाचन के लिए अच्छा होता है। इसके कारण कब्ज, गैस और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं होती हैं। फाइबर गट बैक्टीरिया के लिए प्रीबायोटिक के रूप में काम करता है।
ज्वार की एंटी-ऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम कर सकती है। ज्वार का एंटी-ऑक्सीडेंट फेनोलिक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। फाइटोस्टेरॉल और पोलिकोसेनॉल कोलेस्ट्रॉल और ह्दय रोग के खतरे को भी कम करता है।
मोटे लोगों के लिए साबुत अनाज के रूप में ज्वार एक बेहतर भोजन है। यह पेट को भरा हुआ रखने में मदद करता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। ज्वार में मौजूद फाइबर सामग्री वजन घटाने में मदद करती है।
ज्वार कैल्शियम के एब्जॉर्बशन को बढ़ावा देता है। ज्वार में हाई मैग्नीशियम होता है। मैग्नीशियम कैल्शियम के एब्जॉर्बशन के साथ-साथ नई हड्डी के टिश्यू के विकास में भी प्रमुख भूमिका निभाता है। यदि आप मैग्नीशियम की कमी से पीड़ित हैं, तो आपका शरीर हड्डियों से मिनरल्स को बाहर निकाल देता है। मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी से ओस्टीयोपोरोसिस (Osteoporosis) होने की सम्भावना होती है। इसमें हड्डियों का नुकसान होता है।