International Men's Day 2025: ये साइलेंट किलर बीमारियां पुरुषों को बना रहीं शिकार, पहचानें लक्षण

Men's Health Tips in Hindi: पुरुष अक्सर बीमारी के शुरुआती संकेत को नदरअंदाज कर देते है बाद में यह गंभीर समस्या के रूप में सामने आता है। पुरुषों को बीमारियों को लेकर सतर्क होना चाहिए।
पुरुषों में तेजी से बढ़ रहा है इन बीमारियों का खतरा
पुरुषों में तेजी से बढ़ रहा है इन बीमारियों का खतरा (सौ. सोशल मीडिया)
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International Men's Day 2025: इस दुनिया में पुरुष और महिला के अस्तित्व का स्थान है। महिलाओं के प्रति कृतज्ञता और सम्मान देने के लिए हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस तरह ही दुनियाभर में पुरुषों के सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक योगदान का आभार व्यक्त करने के लिए जश्न के रूप में हर साल 19 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस भी मनाया जाता है। महिलाओं के मुकाबले, पुरुषों की सेहत को भी ज्यादा खतरा होता है। अक्सर महिलाओं की बीमारियों पर तो चर्चा की जाती है लेकिन पुरुषों को कई बीमारियों का खतरा हो सकता है।

पुरुष अक्सर बीमारी के शुरुआती संकेत को नदरअंदाज कर देते है बाद में यह गंभीर समस्या के रूप में सामने आता है। आज हम आपको पुरुषों में होने वाली कुछ बीमारियों के बारे में बता रहे है इसे लेकर सतर्क हो जाना जरूरी है।

जानिए पुरुषों में होने वाली बीमारियों का खतरा

वैसे तो महिला और पुरुष दोनों में ही लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का खतरा होता है लेकिन कुछ आदतों की वजह से पुरुषों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पुरुषों में कई ऐसी आदतें देखी गई हैं, जो उन्हें शारीरिक-मानसिक रूप से कमजोर और बीमार बना रही हैं। इससे जीवन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। कुछ बीमारियां ऐसी है जो पुरुषों में अधिकतर देखी जाती है इसके शुरुआती लक्षणों को जान लें तो बड़े खतरे बचा जा सकता है।

1- दिल की बीमारी का खतरा

पुरुषों में दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा देखने के लिए मिलता है यानि इस बीमारी के ज्यादा मामले हर साल सामने आते है। आंकड़ों की मानें तो, पुरुषों में महिलाओं की तुलना में हृदय रोगों का अधिक जोखिम होता है और आमतौर पर यह लगभग 10 साल पहले विकसित हो सकता है। हेल्थ के अनुसार कहा जाता है कि, में पुरुषों में महिलाओं की तुलना में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर कम होता है, जो दिल की सेहत को प्रभावित कर सकता है। साथ ही पुरुष अपनी सेहत का सही तरह से ख्याल नहीं रख पाते है इस वजह से रुषों में बेली फैट और मोटापा विकसित होने का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है, यह दिल की बीमारी को बढ़ा सकता है।

2- मानसिक स्वास्थ्य को खतरा

ऑफिस और निजी जीवन में पुरुष और महिला दोनों को ही सांमजस्य बिठा पाना जरूरी होता है लेकिन अक्सर ऐसा नहीं होता है। हमेशा से लोग कहते है कि, पुरूषों का दिल कठोर होता है इमोशन कंट्रोल कर सकते है लेकिन ऐसा नहीं होता है। हालिया आंकड़ों की मानें तो,पुरुषों की आत्महत्या दर बढ़ी है, इसका एक कारण अपनी भावनाओं को दबाने की आदत भी हो सकती है। पुरुष दुख, क्रोध, रोने जैसी भावनाएं सामान्य हैं, इसे व्यक्त करने में हिचकें नहीं। भावनाओं को दबाना तनाव-चिंता विकारों को बढ़ा सकता है, जिसके कई गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

3-डायबिटीज की बीमारी

पुरुषों की सेहत की बात करें तो, डायबिटीज के मामले ज्यादा देखने के लिए मिलते है। स्टडी कहती है कि, पुरुषों में महिलाओं की तुलना में टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका अधिक होती है, इसके कई कारण हो सकते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण शरीर पर अधिक फैट या पेट पर अधिक चर्बी जमा होने को माना जाता है।  वहीं पर अन्य स्टडी में कहते है कि,  टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी पुरुषों में टाइप-2 मधुमेह के विकास को बढ़ावा दे सकता है।

पुरुषों में अधिक शारीरिक निष्क्रियता के कारण भी डायबिटीज और इसके कारण होने वाली जटिलताएं अधिक हो सकती हैं।

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